नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जीवन पर आधारित फिल्म “अजेय: द अनटोल्ड स्टोरी” को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सेंसर बोर्ड (CBFC) ने फिल्म को प्रमाण पत्र देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद फिल्म निर्माता बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचे। अब कोर्ट ने कहा है कि वह फिल्म को पहले खुद देखेगा, फिर फैसला सुनाएगा कि इसे रिलीज की इजाजत मिलेगी या नहीं।
High Court का फैसला
कोर्ट ने फिल्म निर्माताओं से कहा कि फिल्म की पूरी कॉपी जमा करें। कॉपी में वो सीन या हिस्से साफ़-साफ़ चिन्हित हों, जिन पर CBFC ने आपत्ति जताई है। कोर्ट सोमवार (25 अगस्त) को फिल्म देखने के बाद आदेश सुनाएगा। यह फिल्म किताब “The Monk Who Became Chief Minister” से प्रेरित बताई जा रही है। इसमें योगी आदित्यनाथ के जीवन, साधु से मुख्यमंत्री बनने तक की कहानी दिखाई गई है।
कोर्ट ने क्या कहा CBFC से?
कोर्ट ने CBFC की कड़ी आलोचना करते हुए कहा, “आपको शुरुआत से ही पारदर्शी प्रक्रिया अपनानी चाहिए थी।” प्राकृतिक न्याय का पालन हर फिल्म के लिए जरूरी है, लेकिन आप ऐसा करने में विफल रहे।आप डिस्क्लेमर भी तो ले सकते हैं. लेकिन आप फिल्म देखे बिना ही सर्टिफिकेशन रिजेक्ट कर रहे हैं, 25 अगस्त को कोर्ट फिल्म देखेगा। उसके बाद ही तय होगा कि फिल्म थिएटर में रिलीज हो पाएगी या नहीं।
फिल्म में क्या है खास
मेंगी ने आगे कहा कि, इस पिक्चर से हमें एक सीख मिलती है, जो हमें बताती है कि कैसे रहा जाए। अच्छा मानव कैसे बना जाए. लोगों के लिए अच्छे काम कैसे किए जाएं। इस फिल्म का राजनीति से कोई संबंध नहीं है। हमने दिखाया है कि एक छोटे से गांव में पैदा हुआ बच्चा कैसे मठ तक पहुंचता है। लोगों के लिए अच्छे काम करता है।





