नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । संभल की शाही जामा मस्जिद में सर्वे के बाद हुई हिंसा और 46 साल बाद मंदिर खुलने को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विधानसभा में बड़ा बयान दिया। सीएम योगी ने कहा, ‘आप लोग सत्य पर पर्दा डालने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन एक बात याद रखिए, सूर्य, चंद्रमा और सत्य को कोई ज्यादा समय तक छुपा नहीं सकता। सच जरूर सामने आकर रहता है, वह सामने आता ही है, फिर भले ही समय कितना भी लगे। यह हम नहीं कह रहे, बाबरनामा भी कह रहा है, जिसमें साफ लिखा हुआ है कि मंदिर को तोड़कर वहां एक ढांचा बनाया गया था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “मैंने विपक्ष के नेता से कहा कि आप एक कुलीन ब्राह्मण परिवार में पैदा हुए हैं, आप भारत के पुराणों की परंपरा में विश्वास करते हैं, हमारे पुराण भी कहते हैं कि भगवान विष्णु के दसवें अवतार श्री हरि विष्णु का यही होना है। फिर यह तो सिर्फ सर्वे की बात थी। न्यायालय के आदेश के अनुसार ही जिला मजिस्ट्रेट संभल में अपनी कार्रवाई कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिला मजिस्ट्रेट का अर्थ जिले का प्रशासनिक प्रमुख होता है। पुलिस अधीक्षक उस जिले का पुलिस प्रमुख होता है। किसी भी सर्वेक्षण कार्यक्रम को शांतिपूर्वक संपन्न कराना उनकी जिम्मेदारी है और वहीं वे कार्य कर रहे थे।” मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि “19 नवंबर और 21 नवंबर को भी सर्वे कराया गया था। 24 नवंबर को भी सर्वे जारी था। सर्वेक्षण अभियान के पहले दो दिनों के दौरान कोई शांति भंग नहीं हुई। तीसरे दिन 23 नवंबर को जुमे की नमाज से पहले जिस तरह का भाषण जुमे की नमाज के बाद दिया गया था, उन तकरीरों के बाद माहौल बिगड़ गया और ऐसी स्थिति सबके सामने है।”
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का इस दौरान साफ कहा कि “1978 से इन लोगों ने आज जो मंदिर वहां मिला है, उसे खोलने नहीं दिया। आज वहां के 22 कुएं किसने बंद कर दिये? यह सोचने का विषय है। वहां माहौल तनावपूर्ण किसने बनाया? ये पत्थरबाज़ कौन थे? बिना सबूत के एक भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। याद रखें, पथराव करने वालों या माहौल खराब करने वालों में से किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। यूपी का प्रशासन सचेत है। जो भी कानून अपने हाथ में लेगा उसके साथ पुलिस यहां सख्ती के साथ निपटेगी।”





