नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मथुरा स्थित कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस से सवाल करते हुए चुनौती दी कि अगर उनमें सच्चा साहस है, तो वह कोर्ट में हलफनामा देकर यह स्पष्ट करें कि वे भगवान श्रीकृष्ण का मंदिर विवादित स्थल पर बनवाने का समर्थन करते हैं। यह बयान सीएम यादव ने इंदौर में आयोजित एक संगोष्ठी में दिया, जो आपातकाल की 50वीं बरसी पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित की गई थी।
कांग्रेस पर लगाया दोहरा रवैया अपनाने का आरोप
उन्होंने कांग्रेस पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा, “कांग्रेस के नेता कहते हैं कि भगवान राम उनके भी हैं, लेकिन हमें अच्छी तरह याद है कि राम मंदिर आंदोलन को कमजोर करने के लिए उन्होंने क्या-क्या किया।” यादव ने कहा कि जैसे अयोध्या में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद राम मंदिर निर्माण संभव हुआ, वैसे ही मथुरा विवाद भी न्यायालय में लंबित है। उन्होंने कांग्रेस पर सीधा वार करते हुए कहा, “क्या उनमें इतनी हिम्मत है कि वे यह कह सकें कि अयोध्या के बाद अब मथुरा में भी भगवान कृष्ण का भव्य मंदिर बनना चाहिए?”
सीएम ने अपने संबोधन में कांग्रेस के लोकतंत्र प्रेम पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपीए सरकार के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी स्वतंत्र रूप से बोलने की इजाजत नहीं थी। यादव ने कहा, “कांग्रेस लोकतंत्र की बात तो करती है, लेकिन उसकी असली सोच और चरित्र आपातकाल के दौर में सबके सामने आ गया था।”
कार्यक्रम में सुधांशु त्रिवेदी ने भी कांग्रेस पर साधा निशाना
बीजेपी सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने इस कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि आपातकाल लागू होने से पहले ही इंदिरा गांधी की सरकार ने हिटलर की नाज़ी विचारधारा से प्रेरणा लेकर सत्ता पर कब्जा जमा लेना शुरू कर दिया था। त्रिवेदी ने आगे कहा, “जब कांग्रेस चुनाव हारती है, तब वह चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाकर लोकतंत्र का अपमान करती है।”




