नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के काफिले की गाड़ियों को लेकर रतलाम में बड़ी लापरवाही सामने आई है। इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव में शामिल होने जा रहे सीएम के काफिले की 12 से ज्यादा गाड़ियां अचानक रास्ते में बंद हो गईं। पहले तो यह गाड़ियां खराबी की वजह से बंद हुई लग रही थीं, लेकिन जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। इन गाड़ियों में जिस डीजल का इस्तेमाल हुआ था, उसमें भारी मात्रा में पानी मिला हुआ था। जानकारी के अनुसार, 20 लीटर डीजल में करीब 10 लीटर तक पानी पाया गया।
डोसीगांव के पेट्रोल पंप से भरवाया था डीजल
सभी गाड़ियों में डीजल डोसीगांव स्थित एक पेट्रोल पंप से भरवाया गया था। इसी पंप से एक ट्रक चालक ने 200 लीटर डीजल भरवाया था और उसका वाहन भी कुछ ही दूर जाकर बंद हो गया।
प्रशासन में मचा हड़कंप, पेट्रोल पंप सील
घटना के बाद प्रशासन अलर्ट हो गया। कलेक्टर और प्रशासनिक अधिकारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। संबंधित पेट्रोल पंप को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है। साथ ही डीजल के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। प्रशासन की प्रारंभिक जांच में बारिश के कारण टैंक में पानी पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि यह भी सवाल उठ रहा है कि पेट्रोल पंपों पर ईंधन की गुणवत्ता जांचने के क्या पुख्ता इंतजाम हैं। यदि सीएम के काफिले को ऐसा डीजल मिला, तो आम जनता को क्या सुरक्षित ईंधन मिल रहा है?
‘जांच जारी, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई’
कलेक्टर और जिला प्रशासन की टीम ने पूरे मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद आनन-फानन में सीएम के काफिले के लिए इंदौर से गाड़ियों का दूसरा रैक भेजा गया। इस मामले में एसडीएम अनिल भाना ने बताया “वाहनों में खराब ईंधन भरने की वजह से ऐसा हुआ। पेट्रोल पंप को सील कर मामले की जांच की जा रही है।” गौरतलब है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव शुक्रवार को रतलाम के पोलो ग्राउंड में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री स्किल एंड इम्पलॉयमेंट कॉन्क्लेव 2025 में शिकरत करेंगे।





