नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क । पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और गवर्नर सीवी आनंद बोस मुर्शिदाबाद हिंसा को लेकर आमने-सामने आ गए हैं। ममता ने गवर्नर व नेताओं से हिंसा प्रभावित इलाकों में न जाने का आग्रह किया है तो वहीं दूसरी ओर राज्यपाल बोस ने तुरंत कहा कि वे खुद मुर्शिदाबाद जाकर हालात का जायजा लेंगे और केंद्र सरकार को इसकी रिपोर्ट भेजेंगे।
यह है दोनों के बीच तनातनी का कारण
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्यपाल सीवी आनंद बोस के बीच अब एक बार फिर तनातनी हो गई है। ममता ने कहा है कि जब हालात सामान्य हो रहे हैं, तो मुसीबत में मछली पकड़ने जैसा काम ना करें। उनका इशारा था कि हिंसा से प्रभावित इलाकों में जाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश ना करें। उनके इस इशारे के बाद तुरंत राज्यपाल बोस ने कहा कि वे खुद वहां जाकर हालात का जायजा लेंगे और हिंसा से प्रभावित कुछ लोगों से मुलाकात भी करेंगे।
‘मुझे पुलिस पर भरोसा नहीं है’
राज्यपाल बोस का कहना है कि यदि वहां शांति बहाल होती है तो मुझे बहुत खुशी होगी। मैं अपनी रिपोर्ट केंद्र में दाखिल करूंगा। राजभवन को मिली जानकारी के अनुसार, जिन लोगों के घर बर्बाद हो गए हैं, उन्होंने सुरक्षा के लिए स्थायी बीएसएफ कैंप लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि उन्हें पुलिस पर भरोसा नहीं है।
ममता ने कहा – अभी मुर्शिदाबाद जाने से बचें
सीएम ममता बनर्जी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा था कि गैर-स्थानीय लोगों से अनुरोध करूंगी कि वे अभी मुर्शिदाबाद का दौरा न करें। मैं राज्यपाल से कुछ और दिन प्रतीक्षा करने की अपील करूंगी क्योंकि विश्वास बहाली के उपाय किए जा रहे हैं। मैं भी वहां जा सकती थी, लेकिन मैं एक कारण से नहीं गई, ताकि राजनीतिक रूप से अपने को बड़ा साबित करने की होड़ से बचा जा सके। यदि मैं जाऊंगी, तो मैं दूसरों को कैसे रोकूंगी? मैं सही समय पर जाऊंगी। स्थिति सामान्य हो रही है।
जारी है पुलिस की कार्रवाई
जाफराबाद गांव में हरगोबिंदो दास और उनके बेटे चंदन की हत्या के मामले में तीसरे संदिग्ध को भी 12 अप्रैल को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने गुरुवार शाम तक 60 FIR के मामले दर्ज करके 274 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं भांगर में हिंसा के मामले में तीन अन्य लोगों को भी पकड़ा है। इसके अलावा शमशेरगंज और सुती पुलिस स्टेशनों के प्रभारियों को भी हटा दिया गया है।




