नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। अरविंद केजरीवाल ने जब वर्ष 2013 में आम आदमी पार्टी की स्थापना की थी, तो उनके साथ एक ऐसा चेहरा भी जुड़ा था, जिसको पहले कोई जानता था। हम जिस नए चेहरे की बात कर रहे हैं, वो आज किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। वो नाम आतिशी का है। जिन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) में अपने कामकाज के दम पर आज यह मुकाम हासिल किया है। जल्द ही वो दिल्ली की मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले लेंगी। आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने आतिशी के कामकाज और राजनीतिक अनुभव को देखते हुए ही उन्हें दिल्ली के सीएम की जिम्मेदारी के लिए चुना है।
दिल्ली की एजुकेशन पॉलिसी बनाने में आतिशी का बड़ा हाथ
आतिशी ने आम आदमी पार्टी के लिए नीतियां बनाने में खूब सहायता की थी, जिसके दम पर ही आम आदमी पार्टी को जनता का समर्थन मिलता रहा। आतिशी ने भी खुद भी कभी नहीं सोचा होगा कि जिस पार्टी के साथ वह जुड़ी हैं, एक दिन वह उसी के जरिए दिल्ली की सीएम बन जाऐंगी। आतिशी ने राजनीति में सुधार करने के लिए अपनी पेशेवर नौकरी को छोड़ने का फैसला लिया था और राजनीति में शामिल होने का निर्णय लिया था। जो आज सही साबित होता नजर आ रहा है, इसके लिए उनके कॉलेज जूनियर्स भी शुरू से उनका समर्थन करते हुए आ रहे हैं। बता दें कि दिल्ली की एजुकेशन पॉलिसी बनाने में आतिशी का बड़ा हाथ रहा है।
उनके लिखे गए हिस्ट्री के नोट्स को कितने ही जूनियर स्टूडेंट ने पढ़ा
आतिशी ने अपनी ग्रेजुएशन की पढाई दिल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज से की है। राजनीति में आने से पहले आतिशी सेंट स्टीफन कॉलेज की एक ऐसी होनहार स्टूडेंट थी, जिनके द्वारा लिखे गए हिस्ट्री के नोट्स को उनके कितने ही जूनियर स्टूडेंट ने पढ़ा और अपने सब्जेक्ट में अच्छा प्रदर्शन किया। मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार तब से लेकर आज तक आतिशी के हाथ से लिखे गए हिस्ट्री के नोट्स को सेंट स्टीफन कॉलेज के स्टूडेंट पढ़ते हुए आ रहे हैं और अच्छे मार्क्स के साथ पास होते रहे हैं। यही कारण है कि वर्ष 2019 में जब आतिशी ने पूर्वी दिल्ली से लोकसभा का चुनाव लड़ने का फैसला लिया था तो उनके कॉलेज के जूनियर्स ने उनका समर्थन किया था। आतिशी अब जल्द ही दिल्ली के सीएम की शपथ लेने जा रही है, ऐसे में उनके कॉलेज के स्टूडेंट में बहुत उत्साह है।
बता दें कि आतिशी के कॉलेज के जूनियर्स उनके लिए चुनावी कैंपेन से लेकर पार्टी का मेनिफेस्टो बनाने में काफी सपोर्ट करते हुए आए हैं। उन्होंने आतिशी के लिए काफी चुनाव प्रचार भी किया था।




