नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। शिवजयंती के मौके पर पुणे जिले के जुन्नर तालुका स्थित शिवनेरी किले में भारी भीड़ उमड़ने से भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। संकरे रास्तों पर अचानक ज्यादा भीड़ जमा होने से महिलाएं और बच्चे घायल हो गए। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
रात से ही किले में उमड़ी भारी भीड़
शिवजयंती के अवसर पर राज्य के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु, युवा और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता शिवज्योत लेकर किले पर पहुंचे थे। देर रात से ही किला परिसर खचाखच भरा हुआ था। सुबह होते-होते भीड़ और बढ़ गई, जिससे हालात नियंत्रण से बाहर होने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अंबरखाना के नीचे स्थित हाथी दरवाजा और गणेश दरवाजा जैसे संकरे मार्गों पर अचानक बहुत ज्यादा भीड़ जमा हो गई। एक साथ बड़ी संख्या में लोग आगे बढ़ने लगे, जिससे धक्का-मुक्की शुरू हो गई। कुछ लोग संतुलन खोकर गिर पड़े और पीछे से आ रही भीड़ का दबाव बढ़ने से भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस घटना में महिलाएं और छोटे बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग गिरने से घायल हो गए और कुछ श्रद्धालु बेहोश भी हो गए। मौके पर मौजूद स्वयंसेवकों और स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों को बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद उन्हें जुन्नर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर है और किसी की जान नहीं गई है।
प्रशासन की तैयारी पर उठे सवाल
हर साल शिवजयंती पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। इसके बावजूद भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त पुलिस बंदोबस्त और बैरिकेडिंग नहीं होने से लोगों में नाराजगी देखी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे बड़े आयोजनों के लिए पहले से एंट्री और एग्जिट प्लान, पर्याप्त पुलिस बल और सुरक्षा इंतजाम किए जाने चाहिए थे। शिवनेरी किला ऐतिहासिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। 19 फरवरी 1630 को यहीं छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म हुआ था। उनके पिता शाहाजी भोंसले और माता जीजाबाई थीं। शिवाजी महाराज का बचपन इसी किले में बीता और यहीं से उन्होंने वीरता और स्वराज का सपना देखा। इसी कारण शिवजयंती पर यहां हर साल हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। घटना के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन के इंतजामों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए भीड़ प्रबंधन की ठोस योजना बनाई जानी चाहिए, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।





