नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। राजस्थान के जयपुर जिले के चौमूं में हालिया हिंसा के एक हफ्ते बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। हिंसा से जुड़े उपद्रवियों के अवैध निर्माणों पर बुलडोजर एक्शन किया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान इलाके में शांति बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
रेलिंग विवाद से भड़की थी हिंसा
चौमूं में यह हिंसा मस्जिद के पास रेलिंग लगाने को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद हुई थी। पहले पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच बातचीत हुई और पत्थर हटाने पर सहमति बनी, लेकिन जैसे ही रेलिंग लगाने का काम शुरू हुआ, पुलिस ने इसे रोकने की कोशिश की। इसी दौरान पथराव और झड़प हो गई।
पथराव में घायल हुए पुलिसकर्मी
उपद्रवियों की ओर से की गई पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मी घायल हुए। इनमें से 6 पुलिसकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। हालात बिगड़ने पर पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और इलाके में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थीं। हिंसा के बाद पुलिस ने 24 पत्थरबाजों के घरों पर नोटिस चस्पा किए थे। उन्हें तीन दिन के भीतर जवाब देने और वैध दस्तावेज पेश करने को कहा गया था। नोटिस की मियाद 31 दिसंबर को पूरी हो गई, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
अवैध निर्माण और बूचड़खानों पर कार्रवाई
नगर परिषद की टीम ने आज पठान कॉलोनी में कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माणों को गिराना शुरू किया। 20 अवैध बूचड़खाने 4 अवैध निर्माण इन सभी को पहले नोटिस दिया गया था, लेकिन कानूनी दस्तावेज पेश नहीं किए गए, जिसके बाद बुलडोजर एक्शन लिया गया। पूरे मामले में अब तक करीब 110 लोगों को डिटेन किया गया है। इनमें से 19 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पूछताछ में 15 और आरोपियों के नाम सामने आए हैं, जो फिलहाल फरार हैं।
इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
कार्रवाई के दौरान चौमूं में चार से अधिक थानों की पुलिस और आरएसी की कंपनी तैनात की गई है। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि हिंसा और अवैध गतिविधियों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियम तोड़ने वालों पर कानूनी कार्रवाई के साथ बुलडोजर एक्शन भी जारी रहेगा।





