नई दिल्ली, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली सरकार चाहती है कि प्रदूषण को लेकर केंद्र सरकार राज्यों के बीच समन्वय करे। इसके लिए दिल्ली सरकार ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री से एनसीआर के सभी राज्यों एवं विशेषज्ञों की संयुक्त बैठक बुलाने की मांग की है। जिससे की संयुक्त कार्य योजना तैयार हो सके। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण स्तर नियंत्रित करने के उद्देश्य से तत्काल बैठक बुलाने के लिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को पत्र लिखा है। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने पत्र में कहा है कि दिल्ली सरकार द्वारा उठाए गए तमाम उपायों के परिणामस्वरूप दिल्ली के अंदर प्रदूषण के स्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। आईआईटीएम के डाटा के आधार पर सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली के प्रदूषण में 31 प्रतिशत दिल्ली के अंदर के स्रोतों का प्रदूषण है, जबकि 69 प्रतिशत प्रदूषण में एनसीआर क्षेत्र के स्रोतों का योगदान है। डाटा विश्लेषकों के अनुसार साल 2018 से 2021 के दौरान दिल्ली में एक्यूआई का स्तर खराब श्रेणी से सेटिस्फेक्ट्री एवं मॉडरेट श्रेणी की तरफ बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि दिल्ली सरकार द्वारा उठाए गए कदम, दिल्ली के प्रदूषण को कम करने में सहायक साबित हो रहे हैं। भविष्य में स्थिति इससे भी बेहतर हो सके, इसके लिए पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने दिल्ली में पर्यावरण के सुधार के लिए एनसीआर के राज्यों की सहभागिता के लिए अनुरोध किया है। मालूम हो कि मंत्री गोपाल राय ने पिछले साल भी केंद्र सरकार को संयुक्त बैठक के लिए 7 नवम्बर, 11 नवम्बर और 3 दिसंबर को पत्र लिखा था। दिल्ली की प्रदूषण समस्या को ध्यान में रखते हुए गोपाल राय ने सोमवार को पर्यावरण विभाग, डीपीसीसी, डीडीए, एमसीडी, फायर सर्विस, डूसिब, राजस्व विभाग, डीएसआईडीसी, इरिगेशन एंड फ्लड डिपार्टमेंट सहित तमाम विभागों की संयुक्त बैठक की थी। इस बैठक में समर एक्शन प्लान तैयार करने का फैसला किया गया था। गोपाल राय का मानना है कि विंटर एक्शन प्लान को सफल बनाने के लिए समर एक्शन प्लान पर काम करना बहुत जरूरी है। समर एक्शन प्लान को लेकर अगली बैठक 11 अप्रैल को दिल्ली सचिवालय में होगी। जिसमें सभी विभाग अपनी कार्य योजना देंगे। जिसके आधार पर समर एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा। –आईएएनएस जीसीबी/एएनएम




