नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को मणिपुर को लेकर एक अहम बैठक की। इस बैठक में अमित शाह के अलावा मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला शामिल हुए। उनके अलावा गृह मंत्रालय के बड़े अधिकारी भी इस मीटिंग में शामिल रहे। गृह मंत्री अमित शाह ने इस बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में हालात सामान्य करने की दिशा में सभी बंद रास्ते खोले जाएं। वैध हथियारों के आत्मसमर्पण करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होन के बाद ये पहली समीक्षा बैठक थी।
ड्रग्स नेटवर्क पर लगाएं लगाम- अमित शाह
अमित शाह ने बैठक में निर्देश दिया कि 8 मार्च से राज्य में जो भी रास्ते बंद हैं उन्हें खोला जाए। अगर किसी भी समुदाय की तरफ से कोई दखलंदाजी होती है तो उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाई की जाए। गृह मंत्रालय के एक बयान में कहा गया, “मणिपुर को ड्रग-फ्री बनाने के लिए, ड्रग ट्रेड में शामिल पूरे नेटवर्क को नष्ट कर दिया जाना चाहिए।” अमित शाह ने मणिपुर में राज्य की सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया था जिस दौरान उन्हें व्यापक जानकारी उपलब्ध कराई गई थी।
राज्यपाल ने भी दिखाया सख्त रूख
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगने के बाद वहां की कानून व्यवस्था की बागडोर राज्यपाल के हाथ में आ गई। राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने कहा कि जिन लोगों ने अवैध रूप से हथियार रखे हैं या हथियार लूटे हैं। वह 7 दिन के अंदर अंदर पुलिस को सौंप दें। उन्होंने कहा जो भी 7 दिन के अंदर हथियार सौंप देगा उसके खिलाफ कोई दंड़ात्मक कार्यवाई नहीं की जाएगी। भल्ला ने लूटे गए और अवैध हथियारों को पुलिस को सौंपने की समयसीमा शुक्रवार को बढ़ाकर 6 मार्च शाम चार बजे तक कर दी थी।





