नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। CBSE (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) ने अभी तक 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के नतीजों की तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि मई के दूसरे सप्ताह तक रिजल्ट आ सकते हैं। लाखों छात्र-छात्राएं रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
रिजल्ट से पहले आया बड़ा बदलाव
रिजल्ट से पहले CBSE ने एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। अब बोर्ड ने पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) की प्रक्रिया को बदल दिया है। यह फैसला छात्रों को अधिक पारदर्शिता देने और मूल्यांकन प्रक्रिया में भरोसा बढ़ाने के लिए किया गया है।
अब पहले मिलेगी उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी
CBSE की नई व्यवस्था के अनुसार, अब छात्र सबसे पहले अपनी जांची गई उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी मंगा सकेंगे। इसके बाद वे देख सकेंगे कि किस उत्तर के कितने अंक मिले और कहां-कहां कटौती की गई। उत्तर पुस्तिका देखने के बाद छात्र यह तय कर सकेंगे कि उन्हें अंकों के जोड़ या अंक दर्ज करने में गलती दिख रही है या नहीं। अगर लगे कि मूल्यांकन में गलती हुई है, तो वे री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी प्राप्त करना अंकों का सत्यापन कराना (यदि अंक जोड़ने में गलती हो) री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन करना (यदि उत्तरों के मूल्यांकन पर संदेह हो) पहले छात्रों को पहले अंकों के सत्यापन के लिए आवेदन करना होता था। इसके बाद ही वे उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी प्राप्त कर सकते थे, और फिर अंत में री-इवैल्यूएशन का विकल्प मिलता था। यानी छात्र पहले बिना उत्तर देखे ही निर्णय लेते थे। CBSE ने कहा है कि इस बदलाव से छात्र ज्यादा जानकारी के साथ फैसला ले सकेंगे, जिससे अनावश्यक री-इवैल्यूएशन की संख्या भी घटेगी। यह निर्णय छात्रों के हित में पारदर्शिता और आत्मनिर्भरता को बढ़ाने के लिए लिया गया है। अब छात्र सटीक जानकारी के आधार पर री-इवैल्यूएशन का निर्णय ले सकेंगे, जिससे समय और पैसे की बचत होगी। साथ ही, उन्हें यह भी समझने में मदद मिलेगी कि उन्हें अंक क्यों और कैसे मिले हैं।




