back to top
28.1 C
New Delhi
Tuesday, March 24, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

वडोदरा से आया धार्मिक भेदभाव का मामला, CM आवास में मुस्लिम महिला को मिला घर, सोसायटी के लोग कर रहें विरोध

Gujarat News: गुजरात के वडोदरा में मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत एक मुस्लिम महिला को मकान एलॉट हो जाने को लेकर वहां के स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। गुजरात के वडोदरा से धर्म के आधार पर भेदभाव करने का एक बेहद ही गंभीर मामला सामने आया है। यहां पर मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत एक मुस्लिम महिला को मकान एलॉट हो जाने को लेकर वहां के स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। लोग मुस्लिम परिवार के आवंटन को रद्द करने की मांग करने लगें। स्थानीय लोगों ने कहा है कि कि हरनी क्षेत्र एक हिंदू बहुल शांतिपूर्ण क्षेत्र है और लगभग चार किलोमीटर की परिधि में मुसलमानों की कोई बस्ती नहीं है। इस लिए यह पर एक मुस्लिम परिवार 461 परिवारों के शांतिपूर्ण जीवन में आग लगाने जैसा है। 

मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 2017 में दिया गया था फ्लैट

गौरतलब है कि गुजरात के वडोदरा में द्यमशीलता एवं कौशल विकास मंत्रालय में काम कर रही 44 वर्षीय मुस्लिम महिला को वडोदरा नगर निगम की निम्न आय ग्रुप वाले हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में एक फ्लैट अलॉट किया गया था। यह उस परिवार को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 2017 में दिया गया था। इस फ्लैट में एक मुस्लिम महिला अपने नाबालिग बेटे के साथ शिफ्ट होने वाली थी। इससे पहले ही हाउसिंग कॉम्प्लेक्स के 33 निवासियों ने जिला कलेक्टर को लिखित में शिकायत दी और मुस्लिम महिला के परिसर में रहने पर आपत्ति जताई। शिकायत करने वाले लोगों का कहना है कि मुस्लिम महिला के रहने से उन्हें खतरा हो सकता है। 

रेजीडेंसी में रहने वाले लोगों ने इस संबंध में नगर निगम को भी दिया ज्ञापन

इसके बाद मोटनाथ रेजीडेंसी में रहने वाले लोगों ने इस संबंध में नगर निगम को भी ज्ञापन दिया है। लोगों का आरोप है कि नगर पालिका इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। ऐसे में स्थानीय लोगों ने भूख हड़ताल पर जाने की धमकी दी है। और कहा है कि नगर पालिका जल्द से जल्द मुस्लिम परिवार के नाम आवंटित आवास को रद्द करे। लोगों ने यहां अशांत एक्ट लागू होने का भी हवाला दिया है। 

नगर पालिका ने भी रखा अपना पक्ष

इस पूरे मामले पर नगर पालिका ने भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि इस भवन के दस्तावेज 2018 में पास हुए थे। उस वक्त अशांत एक्ट लागू नहीं था। चूंकि सरकारी योजनाओं में धर्म के आधार पर कोई आवंटन नहीं होता इसलिए इसमें नगर पालिका की कोई जिम्मेदारी नहीं है। उन्होंने ये भी कहा कि अगर लोकल निवासी मिलकर कोई हल निकालते हैं तो वही बेहतर होगा। 

मुस्लिम महिला ने रखा अपना पक्ष

वहीं इस पूरे विवाद पर मुस्लिम महिला का कहना है कि वह शुरू से ही ऐसे इलाके में रही है, जहां सभी संस्कृति के लोग रहते हैं। महिला का कहना है उसका 12 साल का एक बेटा है। लोगों के विरोध को देखते हुए महिला ने निराशा जताई है और कहा है कि वह अपने बेटे को लेकर आखिर अब कहां जा सकती है। उसका कहना है वह अपने बेटे को एक बेहतर माहौल देना चाहती है। 

अन्य खबरों के लिए क्लिक करें:-www.raftaar.in

Advertisementspot_img

Also Read:

गुजरात में अरविंद केजरीवाल को बड़ा झटका, AAP पार्टी के किसान नेता राजूभाई करपड़ा ने दिया इस्‍तीफा

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क । गुजरात में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और...
spot_img

Latest Stories

Nitish Kumar फिर बनने जा रहे हैं JDU अध्यक्ष, साल 2028 तक होगा कार्यकाल

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar एक...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵