back to top
23.1 C
New Delhi
Tuesday, March 24, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

कलकत्ता हाईकोर्ट ने एसएससी नियुक्तियों की सीबीआई जांच पर रोक लगाई

कोलकाता, 24 नवंबर (आईएएनएस)। कलकत्ता उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने पश्चिम बंगाल सरकार को एक बड़ी राहत देते हुए स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) द्वारा समूह-डी कर्मचारियों की नियुक्ति में कथित अनियमितताओं के मामले में एकल पीठ द्वारा आदेशित सीबीआई जांच पर अंतरिम रोक लगा दी। न्यायमूर्ति हरीश टंडन और न्यायमूर्ति रवींद्रनाथ सामंत की खंडपीठ द्वारा पारित आदेश राज्य सरकार द्वारा मामले की सीबीआई जांच के एकल पीठ के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में जाने के बाद आया है। खंडपीठ ने न्यायमूर्ति अभजीत गंगोपाध्याय की एकल पीठ के आदेश पर तीन सप्ताह के लिए रोक लगाते हुए पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (डब्ल्यूबीबीएसई) के सहायता प्राप्त और प्रायोजित स्कूलों में राज्य स्कूल सेवा आयोग द्वारा की गई नियुक्तियों से संबंधित दस्तावेज उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को अदालत की कार्यावधि के अंत तक जमा करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि इसे मामले पर सोमवार को फिर से सुनवाई की जाएगी। इससे पहले, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल केंद्रीय विद्यालय सेवा आयोग (डब्ल्यूबीएसएससी) की सिफारिशों के आधार पर डब्ल्यूबीबीएसई द्वारा उनकी नियुक्तियों में कथित गड़बड़ी के आधार पर समूह डी के 25 कर्मचारियों का वेतन रोक दिया था। अदालत ने एसएससी और डब्ल्यूबीबीएसई, दोनों को भर्तियों पर एक हलफनामा दाखिल करने के लिए भी कहा था। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि 5,000 से अधिक लोगों को भर्ती प्रक्रिया समाप्त होने के बाद नियुक्तिपत्र दिए गए हैं। साल 2016 में, राज्य सरकार ने राज्य के विभिन्न स्कूलों में लगभग 13,000 चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की भर्ती की सिफारिश की थी और उसी के मुताबिक डब्ल्यूबीएसएससी ने समय-समय पर परीक्षाएं और साक्षात्कार आयोजित किए और एक पैनल भी बनाया गया था। पैनल का कार्यकाल 2019 में समाप्त हो गया। आरोप थे कि पैनल की समाप्ति के बाद भी आयोग के क्षेत्रीय कार्यालय से बहुत सारी अनियमित भर्तियां की गईं, जो 500 से कम नहीं हैं। इनमें से 25 की नियुक्ति के खिलाफ उच्च न्यायालय में मामला दायर किया गया था। यह मामला मंगलवार को गंगोपाध्याय की एकल पीठ के सामने आया था। –आईएएनएस एसजीके/एएनएम

Advertisementspot_img

Also Read:

क्या लोक अदालत के फैसले को हाई कोर्ट में दी जा सकती है चुनौती? जानें कब मिलती है राहत और कौन से मामले नहीं...

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। लोक अदालत का फैसला आमतौर पर अंतिम माना जाता है, क्योंकि यह दोनों पक्षों की सहमति से होता है। हालांकि कुछ...
spot_img

Latest Stories

यशवंत नाम का मतल-Yashwant Name Meaning

Yashwant Name Meaning - यशवंत नाम का मतलब: Endowed...

Skill Based Jobs: स्कूल पास करते ही इन फील्ड्स में बनाएं करियर, महीने के हजारो रुपये कमा लेंगे

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बढ़ती जनसंख्या और कम होते अवसर...

मां दुर्गा ने क्यों लिया कालरात्रि का विकराल रूप, जानिए ये अद्भुत कथा

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। मां दुर्गा के अनेकों रूप...

क्या ट्रैफिक पुलिस आपकी गाड़ी की चाबी निकाल सकती है? जानिए क्या कहता है Motor Vehicles Act

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। आपने रास्ते में सफर के दौरान...

13 साल बाद खत्म हुआ सांसों से संघर्ष, Harish Rana का निधन

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। गाजियाबाद के रहने वाले Harish Rana...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵