नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद इन दिनों प्रदेश में संवैधानिक जनयात्रा निकाल रहे हैं। इस दौरान वह महोबा पहुंचे, जहां उन्होंने विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी, मायावती और चंद्रशेखर आजाद पर तीखे बयान दिए और कांग्रेस को दलितों के खिलाफ काम करने वाली पार्टी बताया।
BJP से गठबंधन बरकरार, सीटों पर साधी चुप्पी
डॉ. संजय निषाद ने 2027 यूपी चुनाव में बीजेपी से गठबंधन जारी रखने की बात कही। हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं किया कि उनकी पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने संकेत देते हुए कहा, “यूपी में 200 सीटें निषाद बाहुल्य हैं। उन्होंने बीजेपी से अपने रिश्ते की तुलना मां-बेटे से करते हुए कहा, “जैसे बच्चा मां से दूध मांगता है, वैसे ही हम बीजेपी से अपना हक मांग रहे हैं।
राहुल गांधी को बताया ‘बहरूपिया नेता
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए संजय निषाद ने कहा कि राहुल गांधी एक बहरूपिया नेता हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 66 समूहों को संविधान से दूर रखा, जिससे निषाद समाज आज भी सड़क पर है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर संविधान सही तरीके से लागू हुआ होता, तो निषाद जाति को आरक्षण पहले ही मिल गया होता।
मायावती और सपा पर हमला
बसपा सुप्रीमो मायावती द्वारा सरकार पर विशेष धर्म के लोगों को टारगेट करने के आरोप पर उन्होंने पलटवार करते हुए कहा, “बसपा सरकार में ही धर्म विशेष के लोगों को अपराधी और आतंकवादी बताया जाता था। बीजेपी सरकार में सबको समान अवसर मिल रहा है। सपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “औरंगजेब को आदर्श मानने वाले लोग अपने बच्चों के नाम भी उसके नाम पर रखें। नगीना से बसपा सांसद चंद्रशेखर आजाद द्वारा दलितों पर बढ़ते अत्याचार के आरोपों पर संजय निषाद ने विवादित बयान देते हुए कहा, “जिसका नाम ही रावण हो, वह अच्छी बात कैसे करेगा?
संभल सीओ के बयान को बताया निजी विचार
संभल के सीओ द्वारा होली को लेकर दिए गए विवादित बयान पर संजय निषाद ने कहा कि यह उनका निजी विचार है। उन्होंने कहा कि अधिकारी से स्पष्टीकरण लिया जाना चाहिए और हमें धर्म के मामलों में एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। डॉ. संजय निषाद ने अपनी पार्टी की यूपी चुनाव 2027 की रणनीति पर इशारों में बात की और बताया कि 200 सीटों पर निषाद समाज का प्रभाव है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनकी पार्टी कितनी सीटों पर लड़ेगी। इसके साथ ही उन्होंने राहुल गांधी, मायावती, सपा और चंद्रशेखर आजाद पर जमकर निशाना साधा और बीजेपी के साथ गठबंधन बनाए रखने के संकेत दिए।




