नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। पीएम नरेंद्र मोदी की कैबिनेट ने गुरुवार को वक्फ संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी। सूत्रों के अनुसार जेपीसी रिपोर्ट के आधार पर इसे हरी झंडी दे दी गई है। इसे संसद के बजट सत्र के दूसरे भाग में पेश किया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार 19 फरवरी को हुई कैबिनेट बैठक में इन संशोधनों को मंजूरी दी गई। इन संशोधनों के आधार पर विधेयक को मंजूरी दी गई है।
वक्फ विधेयक पहली बार पिछले साल अगस्त में पेश किया गया था। लेकिन विरोध के कारण इसे संसदीय समिति को भेज दिया गया। बाद में कुछ संशोधनों के बाद जगदम्बिका पाल की अध्यक्षता वाली इस समिति ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी। इसके बाद 13 फरवरी को वक्फ विधेयक पर संसदीय समिति की रिपोर्ट संसद में पेश की गई। समिति की रिपोर्ट के आधार पर वक्फ विधेयक का नया मसौदा तैयार किया गया।
अब इस विधेयक को मोदी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। यह विधेयक बजट सत्र के दूसरे भाग में पेश किया जा सकता है। बजट सत्र का दूसरा भाग 10 मार्च से 4 अप्रैल तक चलेगा। उल्लेखनीय है कि इससे पहले वक्फ विधेयक पर जेपीसी रिपोर्ट को फर्जी बताते हुए राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था, “हम ऐसी फर्जी रिपोर्ट को स्वीकार नहीं करते, सदन इसे कभी स्वीकार नहीं करेगा।”
जेपीसी ने 29 जनवरी को दी मंजूरी
संसदीय समिति ने 29 जनवरी को वक्फ विधेयक में नये बदलावों पर अपनी रिपोर्ट को मंजूरी दे दी। इस रिपोर्ट के पक्ष में 15 और विपक्ष में 14 वोट पड़े। भाजपा सांसदों द्वारा सुझाए गए बदलावों को रिपोर्ट में शामिल किया गया है। विपक्षी सांसदों ने असहमति पत्र प्रस्तुत किया और इसे वक्फ बोर्ड को समाप्त करने का प्रयास बताया। विपक्ष ने वक्फ विधेयक पर कई आपत्तियां उठाईं। इसके अलावा ‘वक्फ बाय यूजर’ प्रावधान को हटाने के प्रस्ताव का भी विरोध किया गया।





