नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । उज्जैन में महाकाल मंदिर के पास बनी बेगमबाग कॉलोनी में 230 से ज्यादा मकानों को तोड़ने की कार्रवाई की गई है। स्थानीय धार्मिक स्थल तकिया मस्जिद को भी प्रशासन और पुलिस की निगरानी में ध्वस्त कर दिया गया। हालाँकि इस दौरान हल्का विरोध भी देखने को मिला। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने यहां पत्थरबाजी की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने तुरंत स्थिति पर काबू पा लिया और कार्रवाई जारी रही। हालाँकि प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की है। लेकिन पुलिस ने कहा कि अगर ऐसी कोई घटना हुई है तो कार्रवाई की जाएगी।
शनिवार से शुरू होकर रविवार तक बेगमबाग कॉलोनी में 100 घर ढह चुके थे। महाकाल मंदिर के प्रभारी प्रशासक एवं एडीएम ने बताया कि इस प्रक्रिया को पूरा करने में एक से दो दिन का समय लगेगा। अब तक कार्यवाही शांतिपूर्ण ढंग से चल रही है। लोग स्वयं इसमें प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं और अपने घर खाली कर रहे हैं।
तत्काल कार्रवाई करने का निर्णय
महाकाल मंदिर क्षेत्र के विस्तार और सौंदर्यीकरण में आड़े आ रही बेगमबाग कॉलोनी की बेशकीमती जमीन के अधिग्रहण में बड़ी बाधा अब दूर हो गई है। मामला मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय पहुंचा, जहां न्यायालय ने कॉलोनीवासियों की अपील खारिज कर दी, लेकिन मामला निचली अदालतों में लंबित होने के कारण प्रशासन कब्जा नहीं ले सका। अब वहां से भी प्रशासन के पक्ष में फैसला आने के बाद जिला प्रशासन ने नगर निगम और पुलिस के साथ मिलकर तत्काल कार्रवाई करने का निर्णय लिया। इसके लिए कल शाम को इलाके में घोषणा की गई और लोगों को अपने घर खाली करने के अंतिम निर्देश दिए गए। शनिवार सुबह प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में नगर निगम रिमूवल गैंग ने जेसीबी व अन्य मशीनों से घरों पर धावा बोलना शुरू कर दिया।
अवैध रूप से निर्मित धार्मिक स्थल ध्वस्त
कुछ ही समय में सीमेंट कंक्रीट से बने मकान ताश के पत्तों की तरह ढहने लगे। मकानों के साथ-साथ जिला प्रशासन की टीम ने यहां अवैध रूप से निर्मित धार्मिक स्थल को भी ध्वस्त कर दिया। निगम कर्मचारियों ने हल्के विरोध के बीच अपनी कार्रवाई को अंजाम दिया। इस मामले में प्रभावित लोगों ने कहा कि उन्हें घर खाली करने का समय भी नहीं दिया गया। प्राप्त मुआवजा भी एक रुपये के दस पैसे के बराबर था। हमारे बच्चे दो दिन से भूखे हैं, हमने उन्हें दूसरों के घर छोड़ दिया है। हमें रात आठ बजे नोटिस दिया गया, इससे पहले कोई जानकारी नहीं दी गई थी। लोगों ने बताया कि वे 20 से 25 साल से यहां रह रहे हैं।
आपको बता दें कि प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर में महाकाल सार्वजनिक विस्तारीकरण को लेकर यह बड़ी कार्रवाई की गई है। यहां 6 जेसीबी, 6 पोकलिन और निगम की अतिक्रमण हटाओ टीम के 50 से अधिक जवान तैनात किए गए। इसके अलावा, ऑपरेशन के दौरान लगभग 10 मजिस्ट्रेट अधिकारी और 250 से अधिक पुलिस कर्मी मौजूद थे।
257 मकान ध्वस्त किये जायेंगे
ताकिया मस्जिद के आसपास की कॉलोनी में कुल 257 घरों के खिलाफ कार्रवाई की जानी है। इनमें से कुछ मकानों का मामला अभी भी अदालत में लंबित है। इसके अलावा, शेष इमारतों पर कार्रवाई करने की अनुमति दे दी गई है। इस मामले में मकान मालिकों को सरकारी नियमों के अनुसार मुआवजा भी मिला है। इनमें से केवल उन लोगों को मुआवजा नहीं मिला है जिनके खिलाफ अदालती मामले चल रहे हैं।





