नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बिहार की नीतीश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने बिहार में 9 दिन में 5 पुल गिर जाने को लेकर नीतीश कुमार की बिहार सरकार और केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है। इससे पहले भी तेजस्वी यादव ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर बिहार सरकार और केंद्र सरकार को घेरा था। तेजस्वी यादव आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर RJD को मजबूत स्थिति में लाना चाहते हैं। वह नीतीश कुमार पर निशाना साधने से चुकना नहीं चाहते हैं।
तेजस्वी यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा
बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा “बधाई हो! बिहार में डबल इंजन सरकार की डबल ताकत से महज 𝟗 दिन में केवल और केवल मात्र 𝟓 पुल ही गिरे है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रहनुमाई और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में 𝟔 दलों वाली डबल इंजनधारी 𝐍𝐃𝐀 सरकार ने बिहारवासियों को 𝟗 दिन में 𝟓 पुल गिरने पर मंगलराज की कल्याणमय उज्जवल शुभकामनाएं प्रेषित की है। पुलों के गिरने से जनता के स्वाहा हो रहे हजारों करोड़ को स्वघोषित ईमानदार लोग “भ्रष्टाचार” ना कह कर “शिष्टाचार” कह रहे है। विपक्षियों को भ्रष्टाचारी का नारंगी प्रमाण पत्र बांटने वाले तथा पक्षकारिता की पत्रकारिता में पृथ्वी और आकाश की सभी रैंकिंग में नंबर-𝟏 विश्व विजेता गोदी मीडिया द्वारा प्रमाणित सत्यवादी एवं अविनाशी नेता इन सुशासनी कारनामों पर मुँह क्यों नहीं खोलते? पुलों द्वारा जलसमाधि लेने पर विपक्षी नेता इस्तीफ़ा दें।”
बिहार में बहा मधुबनी का पुल
मधुबनी जिले के झंझारपुर में बन रहा पुल 28 जून 2024 को गिर गया। इस पुल को तीन करोड़ की लागत से बनाया जा रहा था। इस पुल कोप्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतगर्त बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग की निगरानी में बनाया जा रहा था।
बिहार के अररिया के बकरा नदी पर बना पुल टुटा
बिहार के अररिया के सिकटी में करोड़ो की लागत से बन रहा पुल उद्घाटन से पहले ही टूट गया। यह पुल बकरा नदी के पड़रिया घाट पर बना था। शुरू में इस पुल को बनाने की अनुमानित राशि सात करोड़ उनासी लाख साठ हजार रुपये रखी गई थी, लेकिन पुल को मजबूत और टिकाऊ बनाने के लिए इस पर 30 करोड़ की राशि खर्च कर दी गई। लेकिन इसके बावजूद भी यह पुल टूट गया। इस पुल की लंबाई 182 मीटर थी, जिसका निर्माण कार्य वर्ष 2021 में शुरू हुआ था।
बिहार के पूर्वी चंपारण में पुल गिरा
वहीं बिहार के पूर्वी चंपारण में भी डेढ़ करोड़ की लागत से बन रहा पुल गिर गया। इस पुल के निर्माण में भी घटिया सामग्री का प्रयोग करने की खबर सामने आ रही है। जिसकी वजह से यह पुल गिर गया।
बिहार के सिवान में पुल हुआ ध्वस्त
बिहार के सिवान जिले के महाराजगंज प्रखंड के पटेढ़ा गांव में नहर के बीच में बना पुल भी ध्वस्त हो गया। इस पुल के टूट जाने से कई गावों का संपर्क टूट गया है। इस पुल के ध्वस्त होने का कारण मिट्टी के कटाव को बताया जा रहा है।
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