नई दिल्ली/ रफ्तार डेस्क। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह हमेशा से अपनी बेवाक आवाज, राय और तर्कपूर्ण चर्चा के लिए जाने जाते हैं । ज्यादातर बातें वे हिन्दू हितों से जुड़ी करते हैं इसलिए उन्हें उमा भारती की तरह ही हिन्दू फायरब्रांड माना जाता है। बुधवार को संसद सत्र के दौरान संसद परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने आज बांग्लादेश की यूनुस सरकार को हिन्दू प्रताड़ना को लेकर जमकर घेरा। उन्होंने इस्कॉन बांग्लादेश के पुजारी चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी की गिरफ्तारी और जमानत से इनकार की निंदा करते हुए संयुक्त राष्ट्र से इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है । इनका आरोप है कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पर कट्टरपंथी तत्वों के प्रभाव में काम कर रही है ।
बांग्लादेश में कट्टरपंथी मंदिरों में तोड़फोड़ कर रहे हैं
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि बांग्लादेश में कट्टरपंथी मंदिरों में तोड़फोड़ कर रहे हैं। मैं इस मामले को बहुत गंभीरता से लेने के लिए भारत सरकार को धन्यवाद देता हूं, लेकिन भारत के प्रयासोंके साथ ही आज जरूरी है कि संयुक्त राष्ट्र को भी स्थिति का संज्ञान लेना चाहिए। बतादें कि चिन्मय कृष्ण दास को सोमवार को गिरफ्तार किया गया और मंगलवार को चटगांव की एक अदालत में पेश किया गया, जहां उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई और उन्हें हिरासत में भेज दिया गया है।
ढाका ट्रिब्यून ने संत चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी को विस्तार से कवरेज दिया है
ढाका ट्रिब्यून ने संत चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी को विस्तार से कवरेज दिया है। इसके अनुसार मंगलवार को सुबह 11 बजे चटगांव छठे मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत के न्यायाधीश काजी शरीफुल इस्लाम के समक्ष पेश हुए। उनके वकीलों द्वारा दायर की गई जमानत याचिका के बावजूद, इसे अस्वीकार कर दिया गया और उन्हें जेल भेज दिया गया। उन्हें बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज वाले एक स्टैंड पर कथित रूप से झंडा फहराने के लिए देशद्रोह का आरोप लगाते हुए जेल भेजा गया है।




