नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) संगठन में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। पिछले करीब एक साल से टल रहा प्रदेश अध्यक्ष का फैसला अब इसी सप्ताह होने की प्रबल संभावना है। सोमवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और बीजेपी के बीच हुई एक अहम समन्वय बैठक में नए अध्यक्ष के संभावित नाम को साझा किया गया है।हालांकि, इस महत्वपूर्ण बैठक में संघ ने बीजेपी के सांसदों और विधायकों की SIR प्रक्रिया में कम दिलचस्पी को लेकर नाराजगी भी व्यक्त की है।
सीएम आवास पर हुई तीन घंटे की अहम बैठक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कालिदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर हुई इस ‘विचार प्रवाह’ बैठक में संगठन, सरकार और संघ के बीच तालमेल पर जोर दिया गया।बैठक में आरएसएस के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार, बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष, प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह, प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत संघ के क्षेत्रीय प्रचारक भी शामिल हुए।बैठक में सरकार के कामकाज की रिपोर्ट ली गई और संगठन तथा सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने पर जोर दिया गया।
यूपी बीजेपी अध्यक्ष का ऐलान जल्द
करीब एक साल से लंबित चल रहे उत्तर प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में हैसूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने उत्तर प्रदेश बीजेपी के अगले संभावित अध्यक्ष का नाम साझा किया।बीजेपी ने राज्य के 75 जिलों को अपने संगठन स्तर पर 98 जिलों में बांटा है, जिसमें से 84 जिला अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी गई है। माना जा रहा है कि यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही केंद्रीय नेतृत्व ने नए अध्यक्ष का नाम साझा किया है।संभावना है कि इसी सप्ताह यूपी बीजेपी को नया अध्यक्ष मिल सकता है।
SIR प्रक्रिया में MP-MLA की बेरुखी पर संघ नाराज
समन्वय बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेताओं ने बीजेपी के जनप्रतिनिधियों के रवैये को लेकर अपनी नाराजगी खुलकर व्यक्त की।संघ के नेताओं ने यह मुद्दा उठाया कि बीजेपी के सांसद (MP) और विधायक (MLA) एसआईआर (SIR) प्रक्रिया की गतिविधियों में पर्याप्त भागीदारी नहीं दिखा रहे हैं।संघ ने स्पष्ट कहा कि जनप्रतिनिधियों को इस पहल में सक्रिय रूप से शामिल होना चाहिए, लोगों को जागरूक करना चाहिए और ज़मीन पर उनकी मदद सुनिश्चित करनी चाहिए।
राम मंदिर के मुद्दे को धार देने का प्लान
बैठक में आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर भी मंथन हुआ।यह तय किया गया कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद, इसके सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व को बड़े स्तर पर लोगों तक पहुंचाने के लिए देशभर में व्यापक प्रचार-प्रसार की योजना बनाई जाएगी।
सीएम योगी को निर्देश दिया गया कि वे प्रभारी मंत्रियों को कहें कि वे प्रवास के दौरान वैचारिक संगठनों से भी संवाद करें।संघ ने फैसला किया है कि आने वाले दिनों में राम मंदिर के मुद्दे को और धार दी जाएगी, तथा इसे पंचायत चुनाव से लेकर विधानसभा चुनाव तक सरकार और भाजपा की बड़ी उपलब्धि के रूप में जनता के बीच रखा जाएगा।बैठक में यह भी तय किया गया कि जल्द ही निगम और बोर्ड की नियुक्तियां भी की जाएंगी, ताकि संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित हो सके।





