नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। भारतीय जनता पार्टी सांसद और शुभेंदु अधिकारी के भाई सौमेंदु अधिकारी ने दिल्ली पुलिस में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सोशल मीडिया के माध्यम से झूठी और सांप्रदायिक रूप से भड़काऊ जानकारी फैलाने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
प्रवासी मजदूरों के खिलाफ हिंसा और भेदभाव
बीजेपी सांसद ने सोशल मीडिया पर फर्जी और भड़काऊ वीडियो शेयर कर दिल्ली पुलिस की छवि खराब करने के मामले में सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब ममता बनर्जी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर एक वीडियो साझा किया जिसमें एक बंगाली प्रवासी महिला और उसके बच्चे को दिल्ली पुलिस की तरफ से कथित रूप से पीटे जाने का दावा किया गया। सीएम ने इस घटना को बंगाली समाज और खासकर प्रवासी मजदूरों के खिलाफ हिंसा और भेदभाव बताया है।
सौमेंदु अधिकारी का आरोप जनता को गुमराह करने की साजिश
कांथी से लोकसभा सांसद सौमेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि, सीएम ने जानबूझकर ऐसा वीडियो शेयर किया, जो झूठा और भड़काऊ है। उनका कहना है कि, यह दिल्ली पुलिस की छवि खराब करने, जनता को गुमराह करने और सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने की एक सोची-समझी साजिश है। जिसमें उन्होनें शिकायत में लिखा, यह वीडियो भारत के संवैधानिक ढांचे और सामाजिक सौहार्द को कमजोर करने का प्रयास है। ममता बनर्जी जैसी किसी संवैधानिक पद पर बैठी महिला इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना हरकत करे ये बिल्कुल भी सही नही है, ये अत्यंत निंदनीय है।
दिल्ली पुलिस का खंडन-वीडियो निराधार और मनगढ़ंत है
गौरतलब है कि, सोमवार को दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी अभिषेक ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पूरी तरह निराधार है। उन्होंने बताया कि, संबंधित महिला संजानु परवीन ने ये माना है कि, उसने ये वीडियो अपने रिश्तेदार के कहने पर बनाया जो पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में एक राजनीतिक कार्यकर्ता है। दिल्ली पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज स्थानीय खुफिया जानकारी और टेक्निकल साक्ष्यों के आधार पर दावा किया कि, आरोप झूठे है। महिला ने कथित रूप से बताया कि, उसे किसी सुनसान जगह ले जाकर पीटा गया और 25,000 रुपये की जबरन वसूली भी की गई। लेकिन, साक्ष्यों के अभाव में इन दावों का कोई सबूत नहीं मिला।
ममता बनर्जी का जवाब- ‘मैंने पहले ही आगाह किया था’
सीएम ममता बनर्जी ने दिल्ली पुलिस की सफाई पर तीखा प्रहार करते हुए बीरभूम ज़िले के एक सरकारी कार्यक्रम में कहा, मैंने पहले ही कहा था कि मां और बच्चे को डराया जाएगा। आप रिकॉर्ड चेक कर लीजिए, अब वही हो रहा है। हम उन्हें वापस लाकर सच साबित करेंगे। उन्होंने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि, बंगाली प्रवासी मज़दूरों के साथ अन्य राज्यों में भेदभाव हो रहा है। और ये वीडियो उसी की एक मुख्य सूत्रधार है।





