नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । AI सॉफ्टवेयर इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या को लेकर मंडी सांसद और बीजेपी नेता कंगना रनौत ने बड़ा बयान दिया है। कंगना ने इस घटना को निंदनीय बताया है और कहा है कि यह घटना पूरे देश के लिए दुखद है। कंगना ने इस बात पर जोर दिया कि एक गलत महिला के कारण सभी महिलाओं के उत्पीड़न से इनकार नहीं किया जा सकता है, लेकिन 99% मामलों में पुरुषों को दोषी ठहराने वाले कारकों को भी स्वीकार किया जाना चाहिए।
कंगना ने इस घटना को “दिल दहला देने वाली” बताया
अतुल सुभाष ने बेंगलुरु स्थित अपने घर पर आत्महत्या कर ली, जहां 24 पेज का सुसाइड नोट मिला। नोट में शादी के बाद के तनाव और पत्नी और ससुराल वालों द्वारा कथित उत्पीड़न का विवरण था। जिस पर कंगना ने कहा कि अतुल एक वित्तीय बोझ के तले दबे थे, जहां वह अपनी वेतन क्षमता से 3 से 4 गुना अधिक रुपये दे रहे थे। इसी आर्थिक तनाव के चलते इस युवक ने यह कदम उठाया। कंगना ने इस घटना को “दिल दहला देने वाली” बताया और यह सुनिश्चित करने के लिए एक स्वतंत्र संस्था के गठन का समर्थन किया कि युवाओं पर इस तरह का दबाव न हो।
पुलिस की जांच और अतुल का आखिरी संदेश
बेंगलुरु पुलिस ने अतुल की पत्नी और ससुराल वालों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही अतुल का डेढ़ घंटे का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने अपने ऊपर हो रहे तनाव और अत्याचार का ब्यौरा दिया है। वीडियो में अतुल कहते हैं, ”मेरे कमाए हुए पैसे का इस्तेमाल मेरे खिलाफ किया जा रहा है और यह सिलसिला जारी रहेगा।” साथ ही उन्होंने न्याय की लड़ाई का हवाला देते हुए आत्महत्याओं के लिए अदालतों और पुलिस व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया है। अतुल के कमरे में लटकी एक तख्ती पर लिखा था: “न्याय अभी मिलना बाकी है।
पीड़ित महिलाओं की पीड़ा को नकार नहीं जा सकता- कंगना
इस घटना पर कंगना ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों और पुरुषों की पीड़ा के बीच संतुलन होना चाहिए। उन्होंने कहा, “एक गलत महिला का उदाहरण सभी पीड़ित महिलाओं की पीड़ा को नकार नहीं सकता।” कंगना ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक स्वतंत्र निकाय की आवश्यकता पर बल दिया और सामाजिक व्यवस्था में सुधार की मांग की। कंगना ने इस मामले में समाज और सिस्टम को जिम्मेदार ठहराते हुए इस तरह के दबाव को निंदनीय बताया है।





