नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। हिमाचल प्रदेश के मंडी से बीजेपी सांसद और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत एक बार फिर कानूनी मुश्किलों में घिरती नजर आ रही हैं। किसानों के अपमान और राष्ट्रद्रोह से जुड़े एक पुराने मामले में आगरा की एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रही याचिका पर अब नया मोड़ आ गया है। अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा द्वारा दायर की गई रिवीजन याचिका को कोर्ट ने 12 नवंबर 2025 को स्वीकार कर लिया है। इस मामले में अगली सुनवाई 29 नवंबर 2025 को होगी।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला कंगना रनौत के किसान आंदोलन से जुड़े एक विवादित बयान से जुड़ा है। अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने 11 सितंबर 2024 को एमपी-एमएलए कोर्ट, आगरा में एक वाद दायर किया था। उनका आरोप है कि कंगना ने किसानों और महात्मा गांधी का अपमान किया था, जिससे देशभर के किसानों और नागरिकों की भावनाओं को ठेस पहुँची। लगभग नौ महीने तक चली सुनवाई के बाद, 6 मई 2025 को लोअर कोर्ट ने यह वाद खारिज कर दिया था। इसके बाद रमाशंकर शर्मा ने रिवीजन याचिका दाखिल की, जिस पर विशेष जज लोकेश कुमार ने सुनवाई करते हुए वकील की दलीलें स्वीकार कर लीं और मामला दोबारा खोलने की अनुमति दे दी।
अब क्या होगा आगे?
कोर्ट ने कहा है कि अब मामला विशेष MP-MLA कोर्ट में सुना जाएगा और 29 नवंबर 2025 को इसकी अगली सुनवाई होगी। इस दौरान, अदालत ने यह भी संकेत दिया है कि कंगना रनौत को व्यक्तिगत रूप से पेश होना पड़ सकता है, क्योंकि छह बार समन भेजे जाने के बावजूद वह अब तक अदालत में पेश नहीं हुई हैं। कंगना रनौत के किसान आंदोलन पर दिए गए बयानों को लेकर पहले भी विवाद खड़ा हो चुका है। चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर इसी बयान को लेकर एक CISF कांस्टेबल ने उन्हें थप्पड़ मारा था, जो काफी सुर्खियों में रहा। अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने कहा, “कंगना रनौत ने किसानों और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अपमान किया था। लोअर कोर्ट ने मेरी याचिका को अधूरी व्याख्या के आधार पर खारिज कर दिया था, लेकिन अब रिवीजन स्वीकार कर लिया गया है। न्याय की उम्मीद बनी है।





