BJP के नए नवेले कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन पर AAP ने किया कटाक्ष, बोली– पर्ची से फैसले लेना गलत

भाजपा ने संगठनात्मक बदलाव करते हुए नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया। जिसपर आम आदमी पार्टी ने इसे ‘राष्ट्रीय पर्ची योजना’ बताते हुए पदों की पारदर्शिता पर सवाल उठाए है।

0
1
Saurabh Bhardwaj, Nitin Naveen
Saurabh Bhardwaj, Nitin Naveen

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में बिहार के नेता नितिन नबीन की राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर हुई नियुक्ति ने राजनीतिक गलियारों में नया विवाद खड़ा कर दिया है। आप (आम आदमी पार्टी) ने इस नियुक्ति को लेकर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व पर सीधा और तीखा हमला बोला है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए नितिन नबीन को अपना नया राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया। इस फैसले पर आम आदमी पार्टी (AAP) ने तीखा हमला बोला। आप पार्टी का कहना है कि भाजपा में अब राष्ट्रीय पर्ची योजना लागू हो गई है, जिसके तहत मंत्री, मुख्यमंत्री और अब राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम पर्ची यानी नेतृत्व की पसंद से तय किए जाते हैं।

बता दें कि, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आगामी चुनावी चुनौतियों के मद्देनजर अपने संगठनात्मक ढांचे में बड़ा और निर्णायक बदलाव किया है। जिसमें बिहार के अनुभवी, मगर युवा नेता नितिन नबीन को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। 45 वर्षीय नबीन की यह नियुक्ति भाजपा के युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने और संगठनात्मक मजबूती पर जोर देने की नीति का स्पष्ट संकेत है।

रेखा गुप्ता पर निशाना

दिल्ली आप अध्यक्ष और पूर्व विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा, भाजपा में राष्ट्रीय पर्ची योजना लागू है। जहां पर्चियों से मुख्यमंत्री और मंत्रियों के नाम तय होते हैं सौरभ भारद्वाज ने नितिन नबीन की नियुक्ति पर तंज कसते हुए कहा कि यह नाम भी एक तरह से पर्ची से ही निकला है। ये लोग ऐसे व्यक्ति को बनाते हैं ताकि लोग सोचें कि ये भी बन सकता है। इसी के साथ ही सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर भी सवाल उठाए और कहा कि 2025 से पहले उनका नाम किसी को ज्ञात तक नहीं था। रेखा गुप्ता ने भाजपा की जीत में खास योगदान नहीं दिया और केवल एमसीडी सदन में विवादित व्यवहार ही दिखाया। उन्होंने कहा कि उन्हें कई दिनों तक तो यकीन नहीं हुआ कि वे मुख्यमंत्री हैं।

भाजपा नेतृत्व पर हमला

सौरभ भारद्वाज ने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यह नेतृत्व डरा हुआ है। ऐसे लोग प्रतिस्पर्धी नेताओं को अपने नीचे नहीं आने देंगे। उन्होंने कहा कि राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कौन हैं, यह भी किसी को पता नहीं। इसी तरह अध्यक्ष का नाम भी बिना प्रक्रिया के तय किया गया।

बता दे कि, दिल्ली आप के अध्यक्ष और पूर्व विधायक सौरभ भारद्वाज ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए ये भी कहा, भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व डरा हुआ है। उन्होंने तर्क दिया कि डरा हुआ नेतृत्व कभी भी प्रतिस्पर्धी लोगों को अपने नीचे नहीं आने देगा, जिसका अर्थ है कि वह जानबूझकर ऐसे लोगों को उच्च पदों पर बिठा रहे हैं जो उन्हें चुनौती न दे सकें।सौरभ भारद्वाज ने हाल ही में बदले गए मुख्यमंत्रियों का उदाहरण देते हुए भाजपा की चयन प्रक्रिया पर तंज कसा, उन्होंने कहा, आप राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री का नाम पूछें, तो किसी को नहीं मालूम होगा। मुझे खुद नहीं मालूम है। पता नहीं किन-किन लोगों को मुख्यमंत्री बना दिया है।

भारद्वाज का यह बयान भाजपा की उस चयन प्रक्रिया पर सीधा हमला है, जिसके तहत हालिया विधानसभा चुनावों के बाद अपेक्षाकृत कम चर्चित चेहरों को मुख्यमंत्री बनाया गया था।उन्होंने नितिन नबीन की नियुक्ति की तुलना भी इसी चयन प्रक्रिया से करते हुए कहा, ऐसे ही इन लोगों ने अध्यक्ष बनाया है। आप नेता के इस बयान से साफ है कि विपक्षी दल भाजपा की संगठनात्मक नियुक्तियों को कमजोर और अज्ञात चेहरे लाने की रणनीति के तौर पर देख रहा है, ताकि केंद्रीय नेतृत्व का वर्चस्व कायम रहे।

 

संगठनात्मक बदलाव

बता दे कि, नितिन नबीन के इस पद को देने का यह महत्वपूर्ण फैसला 14 और 15 दिसंबर को हुई भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में लिया गया था। जहां नितिन नबीन ने कल यानी सोमवार 15 दिसंबर 2025 को दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में विधिवत रूप से पदभार ग्रहण किया। उनके स्वागत के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता, जिनमें गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा शामिल थे। वह भाजपा के सबसे कम उम्र के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष हैं और बिहार से इस पद पर नियुक्त होने वाले पहले नेता हैं। 

गौरतलब है कि,नए कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीनको भाजपा नेतृत्व ने उनकी संगठनात्मक क्षमता और चुनावी सफलता को उनकी नियुक्ति का मुख्य कारण बताया है। नितिन नबीन की उपलब्धि बिहार में लगातार पाँच बार विधायक चुने गए व वर्तमान में राज्य सरकार में मंत्री हैं। इनकी कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत पकड़ और ज़मीनी अनुभव को नियुक्ति का मुख्य आधार माना गया। ये 45 वर्ष की आयु में भाजपा के युवा चेहरों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो पार्टी की भावी रणनीति का हिस्सा है।

पीएम मोदी ने दी बधाई, मिशन 2029 की तैयारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नबीन को मेहनती कार्यकर्ता बताते हुए बधाई दी और इस निर्णय को संगठनात्मक विस्तार और युवा नेतृत्व को अवसर देने की नीति का प्रतीक बताया। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि नबीन के अनुभव से आगामी राज्य चुनावों और लोकसभा की तैयारियों के लिए पार्टी की नीतिगत और चुनावी रणनीति को गति मिलेगी।

नितिन नबीन की नियुक्ति पर विपक्षी खेमे ने भाजपा पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया की कमी का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है जिसपर आम आदमी पार्टी का आरोप है कि, भाजपा में महत्वपूर्ण पदों जैसे मुख्यमंत्री, मंत्री, और अब राष्ट्रीय अध्यक्ष पर नाम हाईकमान की पर्ची यानी व्यक्तिगत पसंद से तय हो रहे हैं, न कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया से। और आम आदमी पार्टी के इन दावों का कांग्रेस के नेताओं ने भी इस आरोप का समर्थन करते हुए भाजपा में उच्च पदों के चयन में पारदर्शिता और प्रक्रिया की कमी पर सवाल उठाए हैं।

वहीं राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, भाजपा की यह नियुक्ति संगठनात्मक पुनर्संगठन और चुनावी तैयारियों को तेज़ करने की एक सोची-समझी रणनीति है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here