नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। हरियाणा के गब्बर कहे जाने वाले अपनी ही हरियाणा सरकार के खिलाफ देने के लिए सुर्खियों में बने हुए हैं। विज खुलकर नायब सिंह सैनी की खिलाफत पर उतारू हैं। हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब अनिल विज ने अपने तेवर दिखाए हों। हरियाणा में जब विधानसभा चुनाव के नतीजे बीजेपी के पक्ष में आए थे तब उन्होंने अपनी वरिष्ठता का हवाला देते हुए यह कहा था कि उनके समर्थक चाहते हैं कि उन्हें प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया जाए। उनकी इसी खिलाफत के बाद बीजेपी ने उन्हें कारण बताओं नोटिस जारी किया था और अब उनपर एक्शन लेने की तैयारी हो रही है।
निकाय चुनाव के बाद हो सकता है एक्शन
अनिल विज मनोहर लाल खट्टर सरकार में भी अपनी सरकार के खिलाफ बोलते रहे हैं। पिछले 10 साल में उन्होंने कई ऐसे बयान दिए जिससे सरकार को अपनी फजीहत करानी पड़ी। लेकिन अब बीजेपी ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था जिसका जवाब देने के लिए उन्हें 3 दिन का टाइम दिया गया था। अनिल विज ने इस नोटिस का जवाब 8 पन्नों का पत्र लिखकर दिया। बीजेपी अगर उनके जवाब से संतुष्ट नहीं होती है तो हरियाणा निकाय चुनाव के बाद उनके खिलाफ एक्शन लिया जा सकता है। संगठन चुनाव से पहले कोई एक्शन लेकर कोई रिस्क लेने के मूड में नहीं है।
पंजाबी समुदाय में अच्छी पकड़ रखते हैं ‘गब्बर’
अनिल विज पंजाबी समुदाय में अच्छी पकड़ रखते हैं। यहा कारण हैं कि वह अंबाला शहर में बीजेपी के सबसे बड़े नेता के तौर पर उभरकर सामने आए हैं। इसके अलावा करनाल, कुरुक्षेत्र और अन्य पंजाबी बहुल इलाकों में भी अच्छी पैठ रखते हैं। अगर हरियाणा निकाय चुनाव से पहले पार्टी उनके खिलाफ एक्शन ले लेती है तो उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। यही कारण है कि 2 मार्च को चुनाव के बाद उनपर एक्शन संभव है।




