पटना, 4 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार दीपों का त्योहार दीपावली को लेकर शहर से गांव तक तैयार है। कोरोना की महामारी को करीब-करीब पीछे छोडकर आगे निकले लोगों को इस दीपावली को लेकर उत्साह है हालांकि महंगाई के कारण लोग परेशान है। शहर में मिठाई से लेकर तरह-तरह के लाइटों से बाजार पटा हुआ है। दीपावली को लेकर लक्ष्मी गणेश की प्रतिमा, प्रसाद समेत अन्य सामान की खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ लगी हुई है। लोगों के खरीददारी में निकल जाने के कारण हालांकि भीड़ से जाम लगी रही। दीपावली को लेकर लोगों ने अपने घरों एवं दुकानें एवं होटलों को झालर, बत्ती और अन्य इलेक्ट्रिक समान से सजाया है। बुधवार को शाम होते ही रंग-बिरंगे बल्बों से मकान और दुकान जगमग हो गया। इसको लेकर मिट्टी के दीये भी खूब बिक रहे हैं। मूर्ति विक्रेता गणेश प्रजापति कहते हैं कि महंगाई के कारण बहुत मोलभाव करना पड़ रहा है। उन्होंने हालांकि संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले कई वर्षों की तुलना में इस बार दीये की बिक्री बढी है। उन्होंने बताया कि हमलोग प्रतिमा तो कोलकाता से मंगवाते हंै, लेकिन दीये खुद तैयार करते हैं। दीपावली को लेकर फूलों के बाजार में भी रौनक बढ़ गई है। गंेदे के फूल का माला 40 से 50 रुपये तक बिक रहे हैं। अन्य पूजन सामग्री भी बाजार में खूब बिक रहे हैं। वीरेंद्र मालाकार कहते हैं कि इस साल माला की कीमतें बढ गई है, इस कारण ग्राहक निकल तो रहे हैं लेकिन खरीददारी कम हो रही है। उन्होंने कहा कि कीमत बढ़ने से मुनाफा भी कम हो गया है। राज्य में मंगलवार से ही शहरों से लेकर गांव-गांव में दीपावली का माहौल बन गया है। लोग घरों की साफ-सफाई पूरी कर घरों को बिजली की आकर्षक लड़ियों से सजाए हुए हैं। गुरुवार की शाम रोशनी के इस पर्व में प्रकाश का दायरा और बढ़ेगा तथा अंधेरा दूर होगा। इधर, तमाम प्रतिबंधों के बावजूद मुख्य पथों से लेकर हर गली, मुहल्ले में पटाखे की दुकानें संचालित हो रही है। दीपावली को लेकर कई स्थानों पर अस्थायी दुकानें बन गई हैं। पर्व त्योहार के इस मौसम में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस गश्त तेज कर दी गई है। –आईएएनएस एमएनपी/आरजेएस





