नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार के बक्सर जिले के राजपुर थाना क्षेत्र स्थित अहियापुर गांव शनिवार सुबह गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा। बालू रखने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और दो गंभीर रूप से घायल हो गए।
दोनों पक्षों में भीषण गोलीबारी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद ने इतनी तेजी से तूल पकड़ा कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर खुलेआम गोलियां चलानी शुरू कर दीं। जब तक लोग कुछ समझ पाते, पांच लोग गोलीबारी की चपेट में आ चुके थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद ने इतनी तेजी से तूल पकड़ा कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर खुलेआम गोलियां चलानी शुरू कर दीं। जब तक लोग कुछ समझ पाते, पांच लोग गोलीबारी की चपेट में आ चुके थे।
चार लोगों की मौत, दो घायल
मृतकों की पहचान अहियापुर गांव के ही निवासी सुनील सिंह (40), विनोद सिंह (50), वीरेंद्र सिंह (35) और मंटू कुमार (35) के रूप में हुई है। वहीं, पूजन सिंह (40) और मंटू सिंह (35) गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज वाराणसी के ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है। मृतकों के परिजनों ने थानाध्यक्ष पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजन सोनू कुमार ने दावा किया कि समय पर पुलिस ने कार्रवाई की होती तो जानें बच सकती थीं। चौथे मृतक मंटू कुमार की मौत की पुष्टि भी परिजनों ने की है।
पुलिस का एक्शन, एसपी पहुंचे मौके पर
घटना की जानकारी मिलते ही एसपी शुभम आर्य मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि, “किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।” साथ ही थानाध्यक्ष पर लगे आरोपों की भी जांच की जाएगी। घटना के बाद पूरे गांव में तनाव का माहौल है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और हमलावरों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।
विवाद कैसे शुरू हुआ?
बताया जा रहा है कि विवाद बालू रखने की जगह को लेकर शुरू हुआ था। पहले कहासुनी हुई, फिर मामला हाथापाई और गोलीबारी तक जा पहुंचा। गांव वालों का कहना है कि प्रशासन पहले ही हस्तक्षेप करता तो यह घटना टाली जा सकती थी। बक्सर की यह घटना राज्य की कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। पुलिस की सतर्कता और समय पर कार्रवाई से कई जानें बच सकती थीं। अब देखना यह होगा कि पुलिस दोषियों को कितनी जल्दी गिरफ्तार कर न्याय दिलाती है।





