नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। बांग्लादेश में तख्तापलट होने के बाद से वहां की कानून व्यवस्था काफी लचर हो गई है। बांग्लादेश में हो रहे हिंसक प्रदर्शन के कारण हालात काफी बिगड़ गए हैं। जिसको लेकर केंद्रसरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। दरअसल केंद्र सरकार ने भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर मौजूदा स्थिति की निगरानी के लिए एक समिति का गठन कर दिया है। मिली जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा गठित की गई यह समित बांग्लादेश में रहने वाले भारतीय नागरिकों और वहां के अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों की सुरक्षा के लिए बांग्लादेश के समकक्ष अधिकारियों से संपर्क बनाए रखेगी।
भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर मौजूदा स्थिति की निगरानी के लिए समिति का गठन
गृह मंत्री अमित शाह ने 9 अगस्त 2024 को केंद्र सरकार के द्वारा गठित इस समिति का ऐलान किया। केंद्र सरकार ने भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर मौजूदा स्थिति की निगरानी के लिए समिति का गठन किया है और अपर महानिदेशक, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), पूर्वी कंमाड को इसका अध्यक्ष बनाया है। वह इस समिति का नेतृत्व करेंगे।
बांग्लादेश के हिन्दू समुदाय बड़ी संख्या में बॉर्डर के पास एकत्रित हो रहे हैं
बांग्लादेश में हो रहे हिंसक प्रदर्शन से बचने के लिए बांग्लादेश के हिन्दू समुदाय बड़ी संख्या में पश्चिम बंगाल के बॉर्डर के पास एकत्रित हो रहे हैं। वे लोग भारत में प्रवेश करना चाह रहे हैं। लेकिन भारतीय BSF के अधिकारी बांग्लादेशी हिंदुओं और अन्य लोगों को वैध वीजा न होने के कारण भारत की सीमा पर प्रवेश नहीं होने दे रहे हैं।
भारत के BSF और बांग्लादेश के बॉर्डर गार्ड के बड़े अधिकारी मिलकर उन्ही लोगों को भारत आने के लिए अनुमति दे रहे हैं, जिनके पास वैध वीजा है। इन लोगों को इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट के जरिए हभारत सीमा में प्रवेश करने की अनुमति दी जा रही है। जानकारी के लिए बता दें कि यहां से व्यापार को भी शुरू कर दिया गया है। वहीं बांग्लादेश में 8 अगस्त 2024 को अंतरिम सरकार का गठन हो गया है। नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में इस अंतरिम सरकार का गठन किया गया है। भारत सरकार को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार से उम्मीद है कि वे जल्द ही बांग्लादेश की स्थिति को संभाल लेंगे।
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