नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। हाथरस हादसे के बाद सुर्खियों में आए भोले बाबा बने सूरज पाल सिंह का पहला बयान सामने आ गया हैं। भोले बाबा ने हाथरस में हादसे पर एक चिट्ठी लिख अपनी प्रक्रिया दी हैं। बाबा ने यह चिट्ठी अंग्रेजी भाषा में लिखी है। जिसमें कहा गया है कि हम, मृतकों के परिवारों प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और ईश्वर से घायलों की शीघ्र ठीक होने की प्रार्थना करते हैं। साथ बाबा ने दावा किया हैं कि असामाजिक तत्वों द्वारा यह भगदड़ मचाई गई और वो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने जा रहें हैं।
बाबा ने एपी सिंह को अधिकारिक तौर पर अपना वकील नियुक्त किया
बाबा ने अपने जारी किए गए बयान मे कहा है कि हादसे के पहले वो वहां से चले गए थे। साथ ही उन्होंने कहा है कि इस मामले को लेकर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एपी सिंह को अधिकारिक तौर पर अपना वकील नियुक्त किया है। एपी सिंह इससे पहले सीमा हैदर और सचिन के भी वकील रह चुके हैं। भोले बाबा ने चिट्ठी के माध्याम से घटना को लेकर दुख व्यक्त किया है।
हाथरस हादसे पर आया बाबा का पहला बयान
सूरजपाल सिंह उर्फ भोले बाबा ने हाथरस हादसे को लेकर जारी किए लिखित बयान कहा है कि हम मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रभु से प्रार्थना करते हैं। इसमें ये भी लिखा है कि जब समागम में भगदड़ हुई, उस वक्त वह वहां नहीं थे। वह तो पहले ही निकल चुके थे। इसके साथ में बाबा ने लिखा है कि समागम और सत्संग के बाद अराजकतत्वों ने जिस तरह का काम किया है, उन पर कानूनी एक्शन के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एपी सिंह को आधिकारिक तौर पर अधिकृत किया है।
यूपी के डीजीपी ने एक फैक्ट फाइडिंग टीम बनाई
आपको बता दें कि हाथरस भगदड़ मामले में यूपी पुलिस ने सत्संग के आयोजकों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। आरोप है कि इस कार्यक्रम में 80 हजार लोगों के जुटने की अनुमति थी, लेकिन ढाई लाख लोगों को जुटाया गया। हालांकि, FIR में भोले बाबा का नाम दर्ज नहीं है। FIR में आरोप लगाया गया है कि आयोजकों ने अनुमति मांगते समय सत्संग में आने वाले भक्तों की असल संख्या छिपाई, ट्रैफिक मैनेजमेंट में मदद नहीं की और भगदड़ के बाद सबूत छिपाए। इसके लिए यूपी के डीजीपी ने एक फैक्ट फाइडिंग टीम बनाई है। जिसमें खासतौर से मैनपुरी एटा, कासगंज, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा, फिरोजाबाद, इटावा और आगरा के एसपी, एसएसपी और कमिश्नर को जिम्मेदारी दी गई कि वह अपने जिलों में सेवादारों से बात करें। इनसे बातचीत के साथ बाबा के काम काज, उनके आश्रम, फंडिंग और उनके मददगारों के बारे में जानकारी जुटाने को कहा गया है। इस सब को देखते हुए भोले बाबा पर शिकंजा कसता नजर आ रहा है।
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