नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। गुजरात के भावनगर शहर में बुधवार सुबह एक बड़े अस्पताल कॉम्प्लेक्स में आग लगने से हड़कंप मच गया। इस कॉम्प्लेक्स में करीब 10–15 अस्पताल मौजूद हैं। आग फैलते ही मरीजों को तुरंत रेस्क्यू किया गया। सबसे राहत की बात यह है कि किसी की जान नहीं गई।
कैसे लगी आग?
भावनगर के काला नाला इलाके में स्थित एक पैथोलॉजी लैब में सबसे पहले आग लगी। सूत्रों के अनुसार, लैब में रखे ब्रेज़ियर (अंगीठी जैसी हीटर) से उठी चिंगारी ने आग को भड़का दिया, जो देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग में फैल गई। आग की लपटों ने आसपास मौजूद 3-4 अस्पतालों को भी अपनी चपेट में ले लिया।
मरीजों का कांच तोड़कर रेस्क्यू
आग लगने के दौरान इमारत में कई मरीज और स्टाफ फंस गए थे। 15 – 20 बच्चों समेत कई मरीजों को कांच तोड़कर बाहर निकाला गया। सभी मरीजों को सुरक्षित निकालकर सर टी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शिफ्ट किया गया। कुल 19 मरीजों को रेस्क्यू टीमें सुरक्षित बाहर ले आईं। आग बुझाने में 5 फायर फाइटर यूनिट्स और 50 से ज्यादा कर्मचारी लगातार जुटे रहे। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस घटना में किसी की मौत या गंभीर चोट की खबर नहीं है। समय रहते रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर एक बड़ी त्रासदी होने से बचा लिया गया। घटना के बाद प्रशासन ने कॉम्प्लेक्स की सुरक्षा व्यवस्था की जांच के आदेश दे दिए हैं। आग के सही कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। करीब एक घंटे की मेहनत-मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। अब सवाल उठता है कि इतनी भीड़भाड़ा वाले कॉम्प्लेक्स में बच्चों का अस्पताल होना और एक ही बिल्डिंग में कई अस्पताल होना, यह कहां तक सही है? आग बिल्डिंग के बेसमेंट में लगी थी। इस बेसमेंट का इस्तेमाल पार्किंग के लिए किया जाना चाहिए, लेकिन इसका यूज किसी और चीज के लिए हो रहा है। अभी यह पता लगाया जा रहा है कि आग की वजह क्या थी। यह किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है कि इतनी विकराल आग में किसी की जान को नुकसान नहीं हुआ है।





