नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बांग्लादेश में अशांति लगातार बढ़ती जा रही है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के पिता और देश के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान के ढाका स्थित आवास पर बुधवार को हिंसक भीड़ ने हमला कर दिया। हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी इस घर के बाहर जुटे और फिर वहां जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की गई।
हसीना के भाषण के दौरान हुआ हमला
यह घटना उस समय हुई जब शेख हसीना ऑनलाइन माध्यम से देशवासियों को संबोधित कर रही थीं। जैसे ही लोगों को उनके संबोधन की खबर लगी, सोशल मीडिया पर ‘बुलडोजर जुलूस’ नामक विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया। शाम से ही बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी धानमंडी इलाके में इकट्ठा हो गए और हसीना के संबोधन के ठीक पहले हिंसा भड़क उठी। इस घटना के बाद शेख हसीना ने अपने भाषण में कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा, “क्या मैंने आपके लिए कुछ नहीं किया? तो फिर मेरे उस घर को क्यों निशाना बनाया गया, जहां से मेरे पिता ने आजादी का नारा दिया था? मुझे इंसाफ चाहिए।” उन्होंने मोहम्मद यूनूस सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, “वे इमारतों को ध्वस्त कर सकते हैं, लेकिन इतिहास को नहीं। उन्हें याद रखना चाहिए कि इतिहास अपना बदला लेता है। बांग्लादेश में शेख हसीना की पार्टी ‘आवामी लीग’ के समर्थकों और नेताओं पर लगातार हमले हो रहे हैं। कई नेता जेल में हैं, कुछ देश छोड़ चुके हैं और बाकी भूमिगत हो चुके हैं। देश में हसीना समर्थकों को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे वहां राजनीतिक अस्थिरता और बढ़ गई है।
भारत में रह रही हैं शेख हसीना
पिछले साल छात्र आंदोलनों के कारण बांग्लादेश में हसीना सरकार का तख्तापलट हो गया था। इसके बाद हसीना को देश छोड़कर भारत आना पड़ा। वर्तमान में वे भारत में शरण लिए हुए हैं। उनके कई करीबी नेता और समर्थक भी देश छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। इस हिंसा के बाद बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिति और भी अस्थिर हो गई है। देश में लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों और हिंसक घटनाओं से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। अब देखना होगा कि इस उथल-पुथल के बीच बांग्लादेश की राजनीति किस दिशा में जाती है।





