नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में एक ट्रेनी डॉक्टर के साथ रेप के बाद हत्या की घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर के रेप और मर्डर के मामले में आरजी कर अस्पताल के पूर्व प्राचार्य संदीप घोष और पूर्व पुलिस अधिकारी अभिजीत मंडल को सियालदह के कोर्ट ने जमानत दे दी है। दरअसल सीबीआई 90 दिन बीत जाने के बाद भी इस मामले में चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी। इस कारण कोर्ट ने दोनों को जमानत दे दी है।
भ्रष्टाचार के मामले में संदीप घोष को अभी तक नहीं मिली बेल
मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, सियालदह कोर्ट में केवल रेप और हत्या के आरोपों के मामले चल रहे हैं, जिसमे दोनों को जमानत मिली है। हालांकि, आरजी कर अस्पताल में भ्रष्टाचार के मामले में पूर्व प्राचार्य संदीप घोष को जमानत नहीं मिल सकी है। सीबीआई ने आज सियालदह कोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा कि वे आज चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकते हैं। जिसके बाद सियालदह कोर्ट ने दोनों आरोपियों को जमानत दे दी।
संदीप घोष और अभिजीत मंडल पर सबूत नष्ट करने के आरोप
मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, आरजी कर अस्पताल के पूर्व प्राचार्य संदीप घोष और पूर्व पुलिस अधिकारी अभिजीत मंडल को 2000 रुपये के बांड के बदले जमानत दी गयी है। बता दें कि संदीप घोष जमानत मिलने के बाद भी जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे क्योंकि सीबीआई ने उन्हें आरजी कर मेडिल कॉलेज एंड हॉस्पिटल द्वारा वित्तीय भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया है। इस मामले में संदीप घोष को जमानत नहीं मिल सकी है। वहीं पूर्व पुलिस अधिकारी अभिजीत मंडल के जेल से बाहर निकलना तय माना जा रहा है, क्योकि उनपर फिलहाल को और मामला दर्ज नहीं है।
बता दें कि आरजी कर अस्पताल के पूर्व प्राचार्य संदीप घोष और पूर्व पुलिस अधिकारी अभिजीत मंडल पर आरजी कर अस्पताल में ट्रेनी महिला डॉक्टर के साथ हुए रेप और मर्डर के सबूत नष्ट करने के आरोप हैं। वहीं कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में एक ट्रेनी डॉक्टर के साथ रेप के बाद हत्या का मुख्य आरोपी संजय रॉय है, जो कि जेल में बंद है।





