नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । योग गुरू बाबा रामदेव के ‘शरबत जिहाद’ वाले बयान पर बहस छिड़ी हुई है। कुछ दिन पहले पतंजलि के नए उत्पाद गुलाब शरबत का प्रचार करते हुए बाबा रामदेव ने बाजार में उपलब्ध शरबत ब्रांडों की आलोचना की थी। उन्होंने इसे ‘शरबत जिहाद’ नाम दिया और दावा किया कि इन ब्रांडों से उत्पाद खरीदने से होने वाला मुनाफा मस्जिदों और मदरसों को जाता है। अब जब इस मुद्दे पर विवाद छिड़ गया है तो बाबा रामदेव ने अपने बयान का समर्थन किया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी ब्रांड का नाम नहीं लिया है।
बाबा रामदेव ने क्या कहा?
बाबा रामदेव ने कहा, “मैंने किसी का नाम नहीं लिया। फिर भी, रूह अफ़ज़ा का समर्थन करने वाले लोगों ने ‘शरबत जिहाद’ शब्द को अपनाया। इसका मतलब है कि वे स्वीकार करते हैं कि वे जिहाद कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “अगर वे इस्लाम के प्रति वफ़ादार हैं और मदरसे और मस्जिद बनाने में रुचि रखते हैं, तो उन्हें खुश होना चाहिए। हालांकि, सनातनियों को समझना चाहिए कि वे किसकी तरफ़ हैं। उन्हें यह ध्यान रखना चाहिए कि सनातन की शान कौन बढ़ा रहा है। मैं फिर से कहता हूँ कि शरबत जिहाद हो रहा है।”
वीडियो पोस्ट कर शरबत ब्रांडों की थी आलोचना
बाबा रामदेव ने पतंजलि के उत्पादों के प्रचार के लिए अपने फेसबुक पेज पर एक वीडियो पोस्ट किया था। इस वीडियो में उन्होंने बाजार में उपलब्ध कुछ शरबत ब्रांडों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस ब्रांड के सामान को बेचकर होने वाले मुनाफे का इस्तेमाल मस्जिदों और मदरसों के निर्माण में किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से कहा कि वो पतंजलि का गुलाब शरबत खरीदें। यह वीडियो बाबा रामदेव के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर अपलोड किया गया है। बाबा रामदेव के इस बयान ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है।
दिग्विजय सिंह ने बयान पर जताई आपत्ति
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने उनके बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने भोपाल के टीटी नगर थाने में जाकर बाबा रामदेव के खिलाफ धार्मिक नफरत फैलाने का मामला दर्ज करने की भी मांग की। उन्होंने अपनी शिकायत में भारतीय दंड संहिता, 2023 की धारा 196 (1) (ए) और 299 के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है। साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम में एक धारा शामिल करने की भी मांग की गई है। आरोप लगाया गया कि बाबा रामदेव ने पतंजलि के गुलाब शरबत का विज्ञापन करते समय रूह अफ़ज़ा ब्रांड की अनुचित आलोचना की।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया गया कि बाबा रामदेव पतंजलि उत्पादों की खपत बढ़ाने के लिए सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने की कोशिश कर रहे थे। दिग्विजय सिंह ने आगे कहा कि बाबा रामदेव ने धर्म और राष्ट्रवाद का इस्तेमाल करके एक विशाल व्यापारिक साम्राज्य खड़ा किया। उनके कई उत्पाद गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। इसलिए कोर्ट ने इस पर भी रोक लगा दी है। हालांकि बाबा रामदेव ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन पूरा देश जानता है कि उन्होंने हमदर्द कंपनी पर उंगली उठाई थी। दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा कि किसी कंपनी के उत्पाद का सिर्फ इसलिए विरोध करना या उसके खिलाफ नफरत भरी बातें कहना सही नहीं है क्योंकि उसका मालिक मुस्लिम है।




