नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। मुगल शासक औरंगजेब पर अबु आज़मी के बयान के बाद देश की राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। सपा विधायक अबु आज़मी को विधानसभा से पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है। वहीं, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘अबु आज़मी का इलाज करने’ तक की बात यूपी विधान परिषद में कर दी। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम ने अबु आज़मी को देशद्रोही करार दिया है। लेकिन कौन था औरंगज़ेब जिसकी तारीफ करना अबु आज़मी और समाजवादी पार्टी को भारी पड़ गया है।
कौन था औरंगजेब?
औरंगजेब का पूरा नाम अबुल मुजफ्फर मुहिउद्दीन मुहम्मद औरंगजेब था। जिसका जन्म 4 नवंबर सन् 1618 में गुजरात के दोहद में हुआ था। वह शाहजहां और मुमताज महल का बेटा था। औरंगजेब के तीन और भाई थे। उनके नाम दारा शिकोह, शाह शुजा और मुराद बख्श था। मुगलों के इतिहास में औरंगजेब ऐसा बादशाह था जिसने सत्ता हासिल करने के लिए अपने भाईयों की हत्या करवा दी और अपने पिता शाहजहां को कैद कर लिया। औरंगजेब ने अपने शासनकाल में हिंदुओं पर भारी टैक्स लगाया था, धार्मिक यात्रा के लिए हिंदू श्रद्धालुओं को जजिया कर देना पड़ता था।
मंदिरों को तोड़ने का दिया आदेश
औरंगजेब के शासन में भारत में कई मंदिरों को तुड़वा दिया गया, जिसमें मुख्य रुप से बनारस यानी अब वाराणसी के बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर और गुजरात में स्थित सोमनाथ मंदिर शामिल हैं। सत्ता की भूख ने औरंगजेब से उसके ही अपने परिवार के कई लोगों की हत्या करवाई। औरंगजेब का सिर्फ एक ही मकसद था, वो है पूरे भारत पर राज करना । इसके लिए उसने कई राज्यों पर अपना शासन किया, लेकिन इतने पर भी उसकी इच्छा पूरी नहीं हो सकी। शिवाजी महाराज की बढ़ती ताकत से परेशान औरंगज़ेब ने कई बार शिवाजी पर हमला किया, उन्हें कैदी बनाकर रखा था।
इन पदों पर रहा औरंगजेब
औरंगजेब शाहजहां और मुमताज के तीसरे नंबर का बेटा था। अकबर के बेटे जहांगीर की मौत के बाद आगरा की सत्ता शाहजहां के हाथों में आ गई। शाहजहां ने औरंगजेब की बहादुरी को देखते हुए उसे दक्कन का सूबेदार बना दिया। वहीं 1637 में औरंगजेब की सफविद की राजकुमारी दिलरास बानू बेगम से विवाह हुआ जिसके बाद, औरंगजेब आगरा वापस आ गया। इस बात से पिता शाहजहां ने नाराज होकर उससे सूबेदारी का पद वापस ले लिया। और इसी समय औरंगजेब का अपने भाइयों से भी विवाद होने लगा।
परदादा अकबर के राजस्व नियम को कर दिया लागू
एक बार फिर शाहजहां ने साल 1653 में औरंगजेब को दक्कन का सूबेदार बना दिया। इस दौरान औरंगजेब ने दक्षिण में अपने परदादा अकबर द्वारा बनाए राज्य नियम को लागू कर दिया तो वहीं इस दौरान आगरा से दूर होने पर औरंगजेब का बड़ा भाई दारा शिकोह पिता का लाडला बन गया, जो अपने पिता का सलाहकार भी था। लेकिन बड़े भाई और औरंगजेब की सोच बिलकुल अलग थी, जिसके कारण दोनों भाइयों में विवाद शुरू हो गए।
औरंगजेब ने 50 साल तक शासन किया
वर्ष 1656 में पिता शाहजहां के बीमार पड़ने पर सत्ता के लिए तीनों भाइयों का आपास में विवाद शुरू हो गया। चूकिं तीनों भाइयों में औरंगजेब ज्यादा शक्तिशाली था। इसकी वजह से उसने अपने पिता शाहजहां को बंदी बना लिया और भाईयों की हत्या करवा दी। और वह खुद शासक बन गया। इसके साथ ही गद्दी संभालने उसने अपना राज्याभिषेक भी खुद ही कर लिया था। औरंगजेब छठा मुगल शासक था और उसने करीब 50 साल भारत पर शासन किया था। औरंगजेब को मुगल साम्राज्य का आखिरी प्रभावी शासक माना जाता है।





