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Tuesday, March 10, 2026
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पाकिस्तान के खिलाफ एक्शन पर असदुद्दीन ओवैसी बोले- इस बार घर में घुसकर मारना नहीं बल्कि घर में घुस के बैठ जाओ’

AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर भारत सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा,“इस बार घर में घुसकर मारो नहीं घर में घुसकर बैठ जाओ।

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। AIMIM के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर भारत सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा, “इस बार घर में घुसकर मारो नहीं, घर में घुसकर बैठ जाओ। बार-बार टेररिस्ट अटैक नहीं होना चाहिए। ओवैसी ने केंद्र सरकार से कहा कि पाकिस्तान को अब साफ संदेश देना चाहिए कि भारत आतंकवाद बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी, सरकार के हर सख्त कदम का समर्थन करेगी।

जाति जनगणना पर फिर उठाई आवाज: “2029 से पहले रिपोर्ट आए

ओवैसी ने गुरुवार को एक बार फिर जाति आधारित जनगणना (कास्ट सेंसस) को जल्द से जल्द लागू करने की मांग की। उन्होंने पूछा, “क्या 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले इसकी रिपोर्ट सार्वजनिक होगी? AIMIM प्रमुख ने कहा कि जाति जनगणना जरूरी है ताकि यह पता चल सके कि देश में किन जातियों की हालत बेहतर हुई है और किन्हें अभी भी मदद की ज़रूरत है। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि “जब जाति जनगणना की बात होती है तो बीजेपी के बड़े नेता डराने वाले नारे लगाते हैं, बंटेंगे तो कटेंगे।

पसमांदा मुसलमानों पर BJP से सवाल

ओवैसी ने BJP से यह भी पूछा कि पसमांदा मुसलमानों के लिए सरकार ने अब तक क्या ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ बातें करने से कुछ नहीं होगा, सरकार को टाइमलाइन देकर बताना होगा कि उसने कब क्या किया। उन्होंने कहा कि केरल में हुई एक आरएसएस बैठक में भी जाति जनगणना की बात हुई थी। “अगर आरएसएस भी यह मानती है कि जाति जनगणना होनी चाहिए, तो फिर सरकार इसमें देरी क्यों कर रही है?” उन्होंने मांग की कि सरकार बताए कि जनगणना कब शुरू होगी, कब पूरी होगी और उसका डेटा जनता के सामने कब आएगा। असदुद्दीन ओवैसी एक ओर आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जातिगत न्याय और समानता के लिए जाति जनगणना को समय से पहले लागू करने पर जोर दे रहे हैं। उनका कहना है कि यह कदम देश की सामाजिक संरचना को समझने और सही नीतियाँ बनाने के लिए बेहद जरूरी है।

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