नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से आने वाले सामानों पर 25% अतिरिक्त टैरिफ (शुल्क) लगाने की घोषणा की है। यह टैरिफ पहले से लागू 25% शुल्क के अतिरिक्त है, यानी अब भारत पर कुल 50% टैक्स लगेगा। यह निर्णय रूसी तेल खरीद को लेकर अमेरिका की नाराजगी के चलते लिया गया है। यह टैरिफ 27 अगस्त 2025 से प्रभावी होगा।
ओवैसी ने क्या कहा?
AIMIM प्रमुख और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इस पर एक्स पर पोस्ट कर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा,”ट्रंप ने भारत पर 25% और टैरिफ लगाया है, क्योंकि हमने रूस से तेल खरीदा। यह कूटनीति नहीं, बल्कि उस मसखरे की धौंस है जो वैश्विक व्यापार को नहीं समझता।
MSME, FDI और रोजगार पर खतरे की बात
ओवैसी ने आगे कहा कि यह टैरिफ भारतीय निर्यातकों को नुकसान पहुंचाएगा MSME सेक्टर और निर्माताओं के लिए संकट पैदा करेगा FDI (विदेशी निवेश) को रोक देगा नौकरियों पर बड़ा असर डालेगा उन्होंने पूछा,”लेकिन मोदी जी को इसकी परवाह क्यों होगी? अब वे भाजपाई बाहुबली कहां हैं? 56 इंच का सीना’ और नॉन-बायोलॉजिकल पीएम’ वाले बयान पर चर्चा ओवैसी ने तंज कसते हुए लिखा: “पिछली बार मैंने पूछा था कि मोदी जी 56 इंच का सीना तब दिखाएंगे जब ट्रंप 56% टैरिफ लगाएंगे। ट्रंप 50% पर रुक गए। शायद वे हमारे नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री से डरे हुए हैं? उन्होंने यह भी पूछा कि क्या भारत की रणनीतिक स्वायत्तता बेचना अरबपतियों के खजाने भरने लायक था।
टैरिफ से भारत को कितना नुकसान?
यह 50% शुल्क, अमेरिका की ओर से भारत जैसे किसी बड़े व्यापारिक साझेदार पर लगाया गया अब तक का सबसे अधिक शुल्क है। इसका सीधा असर भारत के टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग सामान फार्मा ऑटो पार्ट्स, जैसे प्रमुख निर्यात क्षेत्रों पर पड़ सकता है। अब सबकी निगाहें केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय पर टिकी हैं कि वे इस अमेरिकी फैसले पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं। व्यापार और कूटनीति दोनों ही मोर्चों पर भारत के लिए यह एक गंभीर चुनौती बन सकती है।





