नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। उपराष्ट्रपति का पद भारत के सबसे अहम संवैधानिक पदों में से एक है। आज यानी 9 सितंबर को देश को नया उपराष्ट्रपति मिलने जा रहा है। 21 जुलाई को जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद यह पद खाली हो गया था। एनडीए ने सीपी राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाया है, जबकि विपक्षी INDIA गठबंधन ने बी. सुदर्शन रेड्डी को मैदान में उतारा है। ऐसे में जानते हैं चुनाव जीतने के बाद उपराष्ट्रपति को मिलने वाली सैलरी और सुविधाओं के बारे में।
उपराष्ट्रपति की सैलरी कितनी होती है?
भारत के उपराष्ट्रपति को हर महीने 4 लाख रुपये वेतन दिया जाता है। यह वेतन उन्हें राज्यसभा के सभापति होने के नाते मिलता है। इसके साथ ही समय-समय पर महंगाई भत्ता (DA) और अन्य भत्ते भी जोड़े जाते हैं।
चुनाव जीतते ही मिलती हैं ये सुविधाएं
उपराष्ट्रपति चुने जाने के साथ ही कई तरह की वीवीआईपी सुविधाएं मिल जाती हैं दिल्ली में शानदार आधिकारिक आवास, मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं ट्रेन और हवाई यात्रा की सुविधा लैंडलाइन और मोबाइल फोन सेवा हमेशा साथ रहने वाला लग्जरी कारों का काफिला बच्चों की पढ़ाई में फीस माफी और अन्य लाभ विदेश यात्राओं के दौरान डिप्लोमैटिक पासपोर्ट और प्रोटोकॉल सुविधाएं भी मिलती है।
पद छोड़ने के बाद भी जारी रहती हैं सुविधाएं
उपराष्ट्रपति पद से रिटायर होने के बाद भी कई सुविधाएं मिलती हैं। जैसे जीवनभर पेंशन (वर्तमान वेतन का 50%) दिल्ली में टाइप-8 बंगला निजी सचिव, सहायक, चिकित्सक और सुरक्षा स्टाफ मृत्यु के बाद पत्नी को टाइप-7 बंगला और अन्य सुविधाएं उपराष्ट्रपति का चुनाव संविधान के अनुच्छेद 66 के तहत होता है। इस चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सांसद हिस्सा लेते हैं। वोटिंग गुप्त बैलेट पेपर से होती है। इसमें सिंगल ट्रांसफरेबल वोट सिस्टम लागू रहता है। सांसद अपने पसंदीदा उम्मीदवार को प्राथमिकता के आधार पर वोट देते हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि भारत का नया उपराष्ट्रपति कौन बनेगा एनडीए के सीपी राधाकृष्णन या इंडिया गठबंधन के बी. सुदर्शन रेड्डी।




