नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क । गुजरात में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और किसान सेल के प्रमुख राजूभाई करपड़ा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफा ऐसे समय पर आया है जब पार्टी राज्य में विधानसभा चुनाव की तैयारियों में तेजी से जुटी हुई थी और किसानों के मुद्दों को उठाकर अपना जनाधार बढ़ाने की कोशिश में लगी हुई थी। राजूभाई करपड़ा के इस कदम से पार्टी के संगठनात्मक ढांचे और चुनावी रणनीति पर असर पड़ सकता है।
भाजपा में शामिल होने की लग रहीं अटकलें
सुरेंद्रनगर जिले से आने वाले और किसान आंदोलन के दौरान सुर्खियों में रहे राजूभाई करपड़ा पार्टी के किसान सेल प्रमुख थे और राज्य में उनकी गिनती प्रमुख नेताओं में होती थी। राजूभाई ने अपने इस्तीफे की घोषणा सोशल मीडिया के जरिए की। उन्होंने लिखा कि व्यक्तिगत कारणों के चलते वे अब पार्टी के दायित्व निभा पाने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने पार्टी को दिया गया अवसर, सम्मान और सहयोग सराहा और हृदय से आभार व्यक्त किया।
सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा “आज मैंने आम आदमी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। मेरा फैसला कई लोगों के लिए चौंकाने वाला हो सकता है। मैंने अपने परिवार के साथ पार्टी को मजबूत करने की पूरी कोशिश की, लेकिन नियति ने यहीं तक मेरा समर्थन लिखा था। यदि मैंने किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाई हो तो मैं माफी मांगता हूं।” राजूभाई करपड़ा के इस्तीफे के बाद राजनीतिक हलचल बढ़ गई है और अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह भाजपा में शामिल हो सकते हैं। उनके जाने से AAP के गुजरात में किसान मुद्दों पर जारी अभियान और संगठनात्मक ढांचे पर असर पड़ सकता है।
किसान आंदोलन में प्रमुख भूमिका
बता दें कि राजू करपड़ा 2021-22 में आप में शामिल हुए थे और 2022 में सुरेंद्रनगर से विधानसभा चुनाव लड़ा। अक्टूबर 2025 में बोटाद जिले के हद्दद गांव में किसानों की एक महापंचायत में हुई पत्थरबाजी की घटना से चर्चा में आए थे। बोटाद में पुलिस और किसानों के बीच हुई झड़प में पुलिस ने कुल 85 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसके बाद पुलिस ने आप नेता राजू करपड़ा और प्रवीण राम को 16 अक्टूबर 2025 को तब गिरफ्तार किया था, जब वे किसानों पर हो रहे अत्याचार को खत्म करने और न्याय की मांग को लेकर अहमदाबाद ऑफिस में आमरण अनशन पर बैठने वाले थे। करीब चार महीने बाद अदालत ने दोनों नेताओं को जमानत दे दी। राजू करपड़ा राज्य में पार्टी की किसान गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई थी।





