नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। देश की राजधानी दिल्ली इस समय भीषण प्रदूषण की चपेट में है। रविवार, 14 दिसंबर को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 461 दर्ज किया गया, जो इस सर्दी का सबसे प्रदूषित दिन रहा। इसके साथ ही यह दिसंबर महीने का दूसरा सबसे खराब रिकॉर्ड भी बन गया। राजधानी के कई इलाकों में हालात इतने खराब रहे कि AQI 500 के करीब पहुंच गया।
कई इलाकों में AQI बेहद गंभीर
रोहिणी और वजीरपुर जैसे इलाकों में AQI लगभग 500 दर्ज किया गया। वहीं अशोक विहार, जहांगीरपुरी और मुंडका में यह 499 तक पहुंच गया। सरदार पटेल मार्ग (483), अक्षरधाम क्षेत्र (493), बाराखंबा रोड (474) और द्वारका सेक्टर-14 (469) में भी हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में रही। पूरे एनसीआर में प्रदूषण का असर साफ तौर पर दिखा, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन की समस्या हुई।
क्यों इतना बढ़ा प्रदूषण?
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, हवा की रफ्तार कम होने और तापमान गिरने की वजह से प्रदूषक कण वातावरण में फैल नहीं पाए और जमीन के पास ही फंसे रहे। घना कोहरा और अधिक नमी ने हालात को और खराब कर दिया। शाम तक दिल्ली के 39 में से 38 निगरानी केंद्रों पर AQI ‘गंभीर’ दर्ज किया गया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब AQI 400 से ऊपर पहुंच जाए, तो सुबह की सैर, दौड़ या खुले में व्यायाम से बचना चाहिए। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। जरूरत पड़ने पर ही बाहर जाएं, मास्क का इस्तेमाल करें और पानी व मौसमी फलों का सेवन बढ़ाएं।
GRAP के सख्त नियम लागू
प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने दिल्ली-एनसीआर में GRAP के तीसरे और चौथे चरण के नियम लागू कर दिए हैं। इसके तहत निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई है और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर सख्ती बढ़ा दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 8.2 डिग्री और अधिकतम 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि दिन में धूप निकलने के बावजूद प्रदूषण और धुंध की वजह से ठंड ज्यादा महसूस हो रही है। पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। अनुमान है कि 15 दिसंबर के बाद तापमान में गिरावट शुरू होगी और 22 दिसंबर के बाद दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में कड़ाके की ठंड पड़ सकती है।





