नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। चेन्नई की महिला अदालत ने अन्ना यूनिवर्सिटी परिसर में छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न करने वाले आरोपी ज्ञानशेखरन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 90 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस केस की सुनवाई तेजी से पूरी की गई, जिससे पीड़िता को जल्द न्याय मिल सका।
क्या था पूरा मामला?
यह मामला 23 दिसंबर 2024 का है, जब एक इंजीनियरिंग की छात्रा अपने पुरुष मित्र के साथ अन्ना यूनिवर्सिटी परिसर में थी। तभी सड़क किनारे बिरयानी बेचने वाला ज्ञानशेखरन वहां पहुंचा। उसने एक फर्जी वीडियो दिखाकर दोनों को धमकाया कि वह यह क्लिप विश्वविद्यालय के अधिकारियों को दिखाएगा। इसके बाद आरोपी ने पीड़िता के दोस्त से मारपीट की और लड़की के साथ यौन उत्पीड़न किया। आरोपी ने इस पूरी घटना का वीडियो भी बनाया और लड़की को बार-बार ब्लैकमेल करने लगा। परेशान होकर पीड़िता ने परिवार की मदद से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद यह मामला सामने आया।
तुरंत गिरफ्तारी, SIT ने की जांच
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने ज्ञानशेखरन को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ आपराधिक पृष्ठभूमि होने की बात भी सामने आई। बाद में केस की जांच विशेष जांच दल (SIT) को सौंपी गई। 24 फरवरी 2025 को आरोप पत्र दाखिल किया गया और सुनवाई शुरू हुई।
11 धाराओं में दोषी करार
अदालत ने ज्ञानशेखरन को बलात्कार सहित कुल 11 आरोपों में दोषी ठहराया। जज एम. राजलक्ष्मी ने 2 जून 2025 को फैसला सुनाते हुए उसे 30 वर्षों तक की आजीवन कारावास और 90,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इस पूरी प्रक्रिया में पीड़िता को परिवार का पूरा सहयोग मिला, जिसकी वजह से वह न्याय की लड़ाई मजबूती से लड़ सकी। इस फैसले से एक सख्त संदेश गया है कि ऐसे अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। अदालत की तेज़ सुनवाई और सख्त सजा ने समाज में न्याय व्यवस्था पर लोगों का भरोसा मजबूत किया है।





