नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah बुधवार से तीन दिवसीय बिहार दौरे पर हैं। इस दौरान वे राज्य के अधिकारियों, Sashastra Seema Bal (SSB) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ बैठक कर रहे हैं। बैठक का मुख्य मकसद सीमा से जुड़े जिलों में कथित घुसपैठ, जनसांख्यिकीय बदलाव और अवैध निर्माणों की समीक्षा करना है। अमित शाह ने कहा कि देश में हो रहे जनसांख्यिकीय बदलावों की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाई जाएगी। यह समिति पूरे देश में हुए बदलावों की रिपोर्ट तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार ऐसे राज्य हैं, जहां यह समस्या ज्यादा देखी जा रही है। शाह ने कहा कि अस्वाभाविक जनसंख्या बदलाव किसी भी देश की संस्कृति, इतिहास और भूगोल के लिए खतरा हो सकते हैं।
सीमांचल को घुसपैठ से मुक्त करने का संकल्प
बिहार के अररिया जिले में नेपाल सीमा से सटे इलाके में अमित शाह ने SSB की 52वीं बटालियन के बीओपी भवन का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि सीमांचल को घुसपैठियों से मुक्त किया जाएगा। उनका कहना था कि घुसपैठ के कारण गरीबों के हक का अनाज और युवाओं के रोजगार पर असर पड़ता है। राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जरूरी है।
10 किमी दायरे में अवैध अतिक्रमण हटाने की योजना
गृह मंत्री ने बताया कि बिहार सरकार, जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर एक विस्तृत एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीमा से 10 किलोमीटर के दायरे में जितने भी अवैध अतिक्रमण हैं, उन्हें हटाया जाएगा। अमित शाह ने सुरक्षा एजेंसियों को सीमा पर सतर्कता बढ़ाने और समन्वय मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा कोई भी मुद्दा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बिहार दौरे के दौरान सीमा सुरक्षा और घुसपैठ रोकने को लेकर केंद्र और राज्य स्तर पर रणनीति को और मजबूत किया जाएगा।





