नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। संसद में आज दो महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुए हैं। एक और तो निर्मला सीतारमण ने न्यू इनकम टैक्स बिल को पेश किया जिसका ऐलान उन्होंने 1 फरवरी को बजट के दिन किया था। जबकि दूसरी तरफ लगभग 6 महीने के बाद जगदंबिका पाल की अध्यक्षता वाली ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी ने अपनी रिपोर्ट संसद में पेश कर दी। विपक्षी की और से इस बिल का जमकर विरोध किया गया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और असदुद्दीन औवेंसी समेत कई सासंदों ने इस पर अपना विरोध दर्ज कराया। अब ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भी इसपर आपत्ति जताई है।
‘अपनी जायदाद पर हमारा उतना ही हक, जितना हिंदुओं का’-AIMPLB
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने आज प्रेस कांफ्रेंस करते हुए कहा कि अपनी जायदाद पर जितना हक हिंदुओं और सिखों का है उतना ही हक मुस्लिमों का भी है। AIMPLB के अध्यक्ष खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने कहा कि सरकार जो कमेटी बनाने की बात कह रही है उसमें दो गैर मुस्लिमों को रखा जाएगा। और इसके अलावा भी सरकार कमेटी में जिसको रखेगी वह भी मुस्लिम हो ये भी जरूरी नहीं है। कुछ लोग ये अफवाह फैला रहे हैं कि एक दिन पूरा देश वक्फ का हो जाएगा लेकिन यह दावा आधारहीन है। हमारी लड़ाई किसी धर्म से नहीं है बल्कि हमारी लड़ाई केवल सरकार से है। हमारी इस लड़ाई में वो हिंदु भी साथ देंगे तो वाकई में इंसाफ होते हुए देखना चाहते हैं।
कॉमन सिविल कोड हमारे खिलाफ है-AIMPLB
संविधान हमें अपने धर्म को अपने मुताबिक चलाने की आजादी देता है। सरकार कॉमन सिविल कोड लाकर इसे खत्म करने की कोशिश में है। हर धर्म के अपने अपने तरीके हैं ऐसे में आप किसी कानून की कसौटी पर कैसे इसे कस सकते हैं। देश में ऐसे कई मुद्दे हैं जिसकी जरूरत कॉमन सिविल कोड से ज्यादा है लेकिन सरकार उस तरफ ध्यान ही नहीं दे रही है।





