नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में जल जीवन मिशन के तहत बनी पानी की टंकी फटने के बाद राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना को लेकर बीजेपी सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा कि “महोबा में भाजपा के भ्रष्टाचार का बोझ पानी की टंकी नहीं उठा पाई। यहां बुलडोजर नहीं चलेगा, क्योंकि भ्रष्टाचार की पाइपलाइन महोबा से लखनऊ तक जलापूर्ति की जगह धनापूर्ति कर रही है। यह जल मिशन नहीं, कमीशन मिशन है।
क्या है पूरा मामला?
मामला महोबा जिले के ब्लॉक जैतपुर के ग्राम नगाराडांग का है। यहां नमामि गंगे योजना के तहत संचालित जल जीवन मिशन के अंतर्गत ‘हर घर नल से जल’ योजना के तहत पानी की टंकी बनाई गई थी। बताया गया कि वर्ष 2025 में बनी इस टंकी को 3 फरवरी को टेस्टिंग के लिए पानी से भरा गया था। लेकिन 4 फरवरी को दोपहर करीब तीन बजे टंकी अचानक फट गई और हजारों लीटर पानी बहकर बर्बाद हो गया। घटना के बाद निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।
अखिलेश यादव का सरकार पर हमला
अखिलेश यादव ने इस घटना को भ्रष्टाचार का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना जनता को पानी देने के बजाय ‘कमीशन’ कमाने का जरिया बन गई है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष ने सरकार से पूरे मामले की पारदर्शी जांच की मांग की है। ग्राम प्रधान गायत्री ने टंकी फटने की शिकायत जिलाधिकारी गजल भारद्वाज और एडीएम नमामि गंगे से की है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत और प्रदेश के जलशक्ति मंत्री Swatantra Dev Singh के बीच भी योजना को लेकर कहासुनी की खबरें सामने आई हैं। मंत्री ने 30 दिन के भीतर सभी गांवों में जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद काम में तेजी लाई गई थी। घटना के बाद प्रशासन ने जांच की बात कही है। यदि निर्माण में लापरवाही या भ्रष्टाचार साबित होता है, तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई हो सकती है।





