नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी के मुखिया जगत प्रकाश नड्डा के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें केंद्र सरकार के 11 साल की उपलब्धियां गिनाई गई थीं। अखिलेश ने कहा कि “दिल्ली और लखनऊ की सरकारों में कोई तालमेल नजर नहीं आता। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रधानमंत्री के गोद लिए गांवों की हालत नहीं बदली, तो ये कैसा विकास है? इससे उत्तर प्रदेश की सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठते हैं।
“20 साल की सरकार बताए कि किया क्या है?”
अखिलेश ने कहा कि अगर केंद्र की सरकार के 11 साल और यूपी सरकार के 9 साल जोड़ें तो कुल 20 साल हो जाते हैं। अब इन दोनों सरकारों को जनता को जवाब देना चाहिए कि इन 20 सालों में आम आदमी के लिए क्या किया गया है। “महंगाई, बेरोजगारी और न्याय की कमी से लोग परेशान हैं। सिर्फ दावे करने से विकास नहीं होता।
फसलों पर हवाई सर्वेक्षण की आलोचना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मक्का फसल का हवाई सर्वे किए जाने पर भी अखिलेश ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि “मुख्यमंत्री को समय की नहीं, साहस की कमी है। उन्हें जमीन पर आकर किसानों की समस्याएं सुननी चाहिए। उन्होंने यह भी पूछा कि “क्या इतनी ऊंचाई से छुट्टा जानवर नजर आते हैं?
आवारा पशुओं और फसल नुकसान पर सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने कहा कि राज्य के किसान बेमौसम बारिश और छुट्टा जानवरों से परेशान हैं, लेकिन सरकार केवल हवाई दौरे कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को मुआवजा और मदद की जरूरत है, न कि दिखावे की राजनीति। सपा अध्यक्ष ने बीजेपी सरकार को रूढ़िवादी बताया और कहा कि यह सरकार शिक्षा को महंगा बना रही है ताकि गरीब बच्चे पढ़ाई न कर सकें। शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर सरकार नाकाम रही है। ये सरकार सिर्फ अमीरों के लिए काम कर रही है। प्रदेश में डीजीपी की स्थायित्व को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि “जब यूपी में स्थायी सरकार बनेगी, तभी राज्य को स्थायी डीजीपी भी मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि 2027 में यूपी में स्थायी सरकार बनेगी और उसमें समाजवादी पार्टी की अहम भूमिका होगी। अखिलेश यादव के ताजा बयानों से साफ है कि 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू हो चुकी है। सपा बीजेपी सरकार को हर मोर्चे पर घेरने की रणनीति पर काम कर रही है। अब देखना यह होगा कि जनता किसकी बात पर भरोसा करती है, दावों पर या जमीनी सच्चाई पर।





