नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून को एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171, जो लंदन जा रही थी, एक मेडिकल कॉलेज परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में विमान में सवार लगभग सभी 242 यात्रियों की मौत हो गई। इसके अलावा जमीन पर मौजूद 29 लोग भी मारे गए।
शवों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट की मदद
हादसे में कई शव बुरी तरह जल चुके हैं। इसलिए उनकी पहचान करने के लिए डीएनए जांच की जा रही है। अब तक 190 मृतकों की पहचान की जा चुकी है और 32 विदेशियों समेत 159 शवों को उनके परिवारों को सौंपा जा चुका है। विमान हादसे के कारणों की जांच के लिए DGCA (नागर विमानन महानिदेशालय) और बोइंग कंपनी की तकनीकी टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं। वे विमान के ब्लैक बॉक्स, तकनीकी गड़बड़ियों और पायलट से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही हैं।
अखिलेश यादव ने जताई नाराज़गी, मांगा इशारों में इस्तीफा
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने हादसे के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट कर केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने किसी मंत्री का नाम तो नहीं लिया, लेकिन उनके बयान से साफ झलक रहा है कि वे केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। अखिलेश यादव ने लिखा: “बीजेपी के आने के बाद से नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे देने का चलन खत्म हो गया है। सैकड़ों लोगों की मृत्यु पर कोई उन भाजपाइयों से इस्तीफा भी नहीं माँगता है, जो सीधे-सीधे इसके लिए उत्तरदायी हैं।
केंद्र सरकार पर लगाया ज़िम्मेदारी से भागने का आरोप
अखिलेश यादव ने कहा कि अब सरकार में नैतिक जवाबदेही का कोई महत्व नहीं रह गया है। इतना बड़ा हादसा हो गया, सैकड़ों जानें चली गईं, लेकिन फिर भी कोई मंत्री पद नहीं छोड़ता, और ना ही उनसे कोई इस्तीफे की मांग करता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष पहले से ही केंद्र सरकार पर कई मुद्दों को लेकर हमलावर है, चाहे वो रेल हादसे हों, अस्पतालों की लापरवाही हो या अब ये विमान दुर्घटना। इस हादसे ने केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था और विमानन प्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे की जांच पूरी होने तक कई अहम खुलासे हो सकते हैं। DGCA रिपोर्ट के बाद यह तय होगा कि तकनीकी गलती, मानवीय भूल या लापरवाही में से क्या असली वजह थी। विपक्ष इस मुद्दे को आगामी संसद सत्र में भी उठा सकता है।




