नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश में भले ही विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं, लेकिन राजनीतिक दलों ने अभी से अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। समाजवादी पार्टी भी चुनावी मोड में आ चुकी है। इसी कड़ी में सपा अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 20 जनवरी को एक अहम बैठक बुलाई है। यह बैठक लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के मुख्यालय में दोपहर 12 बजे होगी। इसमें पार्टी के सभी लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि यह बैठक 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति तय करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
विधानसभा सीटों पर फोकस
बैठक के दौरान अखिलेश यादव सांसदों से उनके-अपने संसदीय क्षेत्रों की विधानसभा सीटों की विस्तृत रिपोर्ट लेंगे। इसमें यह देखा जाएगा कि किस क्षेत्र में पार्टी की स्थिति मजबूत है और कहां संगठन को और मजबूत करने की जरूरत है। सूत्रों के मुताबिक, इसे प्रत्याशी चयन प्रक्रिया की पहली कड़ी भी माना जा रहा है।
सांसदों का तैयार हुआ रिपोर्ट कार्ड
सपा ने अपने सांसदों का एक रिपोर्ट कार्ड भी तैयार किया है। बैठक में इस पर भी चर्चा हो सकती है। इसके अलावा आने वाले बजट सत्र को लेकर पार्टी की रणनीति पर भी मंथन किया जाएगा। फिलहाल समाजवादी पार्टी के पास लोकसभा में 37 और राज्यसभा में 4 सांसद हैं। इधर, प्रयागराज में मौनी अमावस्या के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को आगे बढ़ने से रोके जाने के मामले पर अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि साधु-संतों और श्रद्धालुओं के साथ ऐसा व्यवहार दुखद है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को दिव्य-भव्य के दावों से पहले ‘सभ्य’ बनना चाहिए। 20 जनवरी को होने वाली यह बैठक समाजवादी पार्टी के लिए बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि इसी से 2027 के विधानसभा चुनाव की दिशा और दशा तय होने के संकेत मिल रहे हैं।





