नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में वायु प्रदूषण के हालात विकराल हो गए हैं। दिल्ली में तो सोमवार को ओवरऑल AQI 481 दर्ज किया गया है। हम आपको भारत के 10 ऐसे राज्यों के बारे में बता रहे हैं, जहां की हवा सबसे साफ और AQI सबसे कम है। ऐसे में इन राज्यों में आप खुलकर सांस ले सकते हैं। जानकारी के अनुसार भारत में सबसे साफ हवा और कम वायु प्रदूषण वाला राज्य अरुणाचल प्रदेश है। हवा की शुद्धता मापने वाली वेबसाइट aqi.in ने भारत के विभिन्न राज्यों में AQI लेवल का करेंट डाटा शेयर किया है। इसके मुताबिक, देश में सबसे साफ हवा वाला 10वां राज्य झारखंड है। यहां का AQI सोमवार को 66 दर्ज किया गया है।
भारत में साफ हवा के मामले में 9वें नंबर पर दक्षिण भारतीय राज्य केरल का स्थान है। केरल में सोमवार को हवा की गुणवत्ता यानी AQI 61 दर्ज किया गया है। वायु गुणवत्ता के मामले में 8वें नंबर पर पूर्वोत्तर भारत का राज्य असम है। सोमवार को असम में वायु गुणवत्ता यानी AQI 56 नोट किया गया है। असम में बेहतरीन वायु गुणवत्ता के मामले में 7वें नंबर पर आता है पूर्वोत्तर भारत का ही राज्य त्रिपुरा। यहां पर सोमवार को AQI 41 नोट किया गया है। साफ और सांस लेने लायक हवा के मामले में छठा स्थान मेघालय राज्य का है। मेघालय का AQI सोमवार को 32 है। यानी यहां की हवा काफी साफ है।
भारत में जिन राज्यों में सबसे स्वच्छ और शुद्धता वाली हवा है उन राज्यों की लिस्ट में 5वां स्थान सिक्किम का है। इस राज्य में सोमवार को AQI 31 दर्ज किया गया है। भारत में साफ और सांस लेने लायक उपलब्ध हवा वाले राज्यों की लिस्ट में चौथा स्थान पूर्वोत्तर भारत के ही मिजोरम राज्य का है। मिजोरम में सोमवार को AQI- 17 नोट किया गया है। भारत में सबसे बेहतर हवा की क्वालिटी के मामले में लिस्ट में तीसरे नंबर पर नागालैंड का नाम है। यहां की हवा काफी साफ है और सोमवार को AQI 16 दर्ज किया गया है। देश में सबसे साफ हवा वाले राज्यों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर मणिपुर का स्थान है। यहां की भी हवा काफी साफ है और AQI का लेवल 13 दर्ज किया गया है।
वहीं, प्राप्त डाटा के मुताबिक, पूरे भारत में सबसे साफ हवा और कम वायु प्रदूषण वाला राज्य अरुणाचल प्रदेश है। यहां भी सोमवार को AQI 13 दर्ज किया गया है।
AQI को मापने की विधि
AQI को मापने की अपनी एक विधि है, जो बताती है कि 0-50 की श्रेणी में एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51-100 को ‘संतोषजनक’, 101-200 को ‘मध्यम’, 201-300 को ‘खराब’, 301-400 को ‘बेहद खराब’ और 401-500 के बीच एक्यूआई को ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है।
उत्तर भारत और दक्षिण भारत के बीच क्यों है इतना फर्क?
एक्यूआई के मामले में उत्तर भारत और दक्षिण भारत के बीच स्थितियां एकदम विपरीत दिखाई दे रही हैं। एक ओर जहां का मौसम सुहाना है और हवा में प्रदूषण का स्तर 100 से कम है तो दूसरी ओर जहरीली हवा के बीच रहने के लिए लोग मजबूर हैं और प्रदूषण का स्तर 400 के ऊपर बना हुआ है। ऐसे में चलिए समझते हैं कि आखिर क्यों साफ है दक्षिणी राज्यों की हवा?
दक्षिणी राज्यों की हवा सुधरी हवा के लिए वहां की भौगोलिक स्थिति और जलवायु एक अहम कारण है। आसपास मौजूद तटीय क्षेत्रों और समुद्री इलाकों की वजह से मौसम खुशनुमा बना रहता है, क्योंकि समुद्र की ओर से बहने हवाएं लगातार प्रदूषण बढ़ाने वाले कणों को एकत्रित नहीं होने देती है। इसके अलावा दक्षिणी राज्यों में मौजूद घने वनों और पर्वत श्रृंखलाओं का भी प्रभाव पड़ता है।
औद्योगिक गतिविधियां और यातायात
दिल्ली, गाजियाबाद, कानपुर जैसे उत्तरी इलाकों में दक्षिणी राज्यों की तुलना में ज्यादा औद्योगिक गतिविधियां होती हैं जिसकी वजह से वायु प्रदूषण तो होता ही है। इसके अतिरिक्त उत्तर भारत के शहरों में तेजी से बढ़ती हुए वाहनों की संख्या भी एक प्रमुख कारण है तभी तो दीवाली के बाद अमूमन हर बार दिल्ली में यातायात से जुड़ा हुआ कोई न कोई अभियान जरूर शुरू होता है। जैसे- युद्ध प्रदूषण के विरुद्ध, ऑड-ईवन, रेड लाइट ऑन गाड़ी ऑफ इत्यादि।
हालांकि, दक्षिण भारत में लोगों की संख्या कुछ कम नहीं है, बल्कि वहां के लोग सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं जिसकी वजह से सड़कों पर निजी वाहनों की संख्या थोड़ी बहुत कम हो जाती है। साथ ही पराली की समस्या से तो आप सभी वाकिफ हैं ही।





