नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । झारखंड की राजधानी रांची में स्थित बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हुई एक निजी एयर एंबुलेंस उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस विमान में कुल सात लोग सवार थे और हादसा इतना भीषण था कि सभी की जान चली गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही एयरक्रॉफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है और विशेषज्ञों की टीम को घटनास्थल के लिए भेजा गया है।
उड़ान के 23 मिनट बाद टूटा एयर एंबुलेंस से संपर्क
हादसे को लेकर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए घटना की पुष्टि की है। DGCA के अनुसार विमान ने शाम 7:11 बजे बिरसा मुंडा एयरपोर्ट, रांची से उड़ान भरी थी। उड़ान के दौरान एयरक्राफ्ट का अंतिम संपर्क शाम 7:34 बजे कोलकाता एयर ट्रैफिक कंट्रोल से हुआ। इसके बाद विमान का रडार और रेडियो दोनों तरह का संपर्क अचानक समाप्त हो गया। विमान से संपर्क वाराणसी के लगभग 100 नॉटिकल माइल दक्षिण-पूर्व दिशा में टूट गया था। शुरुआती सूचनाओं में केवल संपर्क टूटने की बात सामने आई थी, लेकिन अब नियामक ने आधिकारिक रूप से पूरे घटनाक्रम की पुष्टि कर दी है।
चतरा-सिमरिया बॉर्डर पर मिला मलबा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वाराणसी एयर ट्रैफिक कंट्रोल (VEBN) ने बताया कि विमान उनके एयरस्पेस में आने के बाद दोबारा संपर्क में नहीं आ सका। स्थिति स्पष्ट न होने पर रात करीब 8:05 बजे रेस्क्यू को-ऑर्डिनेशन सेंटर को सक्रिय किया गया और संभावित लोकेशन के आधार पर सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ। तलाशी के दौरान झारखंड के चतरा और सिमरिया की सीमा के पास विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिली। प्रारंभिक रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि हादसे के वक्त इलाके में तेज बारिश और खराब मौसम था, जिससे विमान को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, मौसम को दुर्घटना की वजह मानने को लेकर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
एयर एंबुलेंस में 7 लोग थे सवार
DGCA के मुताबिक दुर्घटनाग्रस्त विमान में कुल सात लोग मौजूद थे, जिनमें दो क्रू मेंबर भी शामिल थे। हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन की सर्च और रेस्क्यू टीम घटनास्थल पर पहुंच गई और राहत कार्य शुरू कर दिया गया। वहीं, मामले की विस्तृत जांच के लिए एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो की टीम को मौके पर भेजा जा रहा है। संबंधित एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
चतरा एसपी का बयान
चतरा के पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल ने पुष्टि की है कि विमान में सात लोग सवार थे। उन्होंने बताया कि प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर तैनात हैं और राहत-बचाव का काम जारी है। सिमरिया थाना क्षेत्र के खासियातू करमटांड़ जंगल में संदिग्ध धातु के टुकड़े मिलने से क्षेत्र में हलचल मच गई। शुरुआती आकलन में इसे एयर एंबुलेंस दुर्घटना से जोड़कर देखा जा रहा है। घटनास्थल से मिले मलबे में प्रोपेलर और इंजन जैसे हिस्से नजर आए हैं।
बताया गया है कि दुर्घटनाग्रस्त विमान में कुल सात लोग सवार थे, जिनमें दो पायलट और पांच यात्री शामिल थे। सामने आई जानकारी के अनुसार कॉकपिट की जिम्मेदारी कैप्टन विवेक विकास बिलागत और कैप्टन सवरदीप सिंह संभाल रहे थे। विमान में मौजूद यात्रियों में संजय कुमार, जो मरीज के रूप में सफर कर रहे थे, उनके साथ अर्चना देवी और धुरु कुमार अटेंडेंट के तौर पर थे। मेडिकल टीम में डॉ. विकास कुमार गुप्ता और पैरामेडिक सचिन कुमार मिश्रा भी सवार थे। प्रशासन ने सभी नामों की पुष्टि करते हुए आगे की कानूनी और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।





