नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के यूपी प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली की समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व विधायक अनीसुर्रहमान से मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। रविवार को हुई इस शिष्टाचार मुलाकात को 2027 के चुनावी समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। अनीसुर्रहमान ने वर्ष 2012 में पीस पार्टी के टिकट पर मुरादाबाद की कांठ विधानसभा सीट से जीत दर्ज की थी। इसके बाद उन्होंने पीस पार्टी छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया था। हालांकि, 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्हें सपा के टिकट पर हार का सामना करना पड़ा था। फिलहाल वह समाजवादी पार्टी से जुड़े हुए हैं।
सपा की बढ़ी धड़कन
शौकत अली और अनीसुर्रहमान की इस मुलाकात के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। सवाल उठ रहे हैं कि यदि अनीसुर्रहमान भविष्य में AIMIM में शामिल होते हैं और चुनाव जीतते हैं, तो क्या वह ओवैसी की पार्टी के साथ बने रहेंगे। इस मुलाकात को लेकर सपा नेताओं की बेचैनी भी बढ़ी मानी जा रही है। सूत्रों का दावा है कि AIMIM यूपी में सपा और कांग्रेस के कई मुस्लिम नेताओं से पर्दे के पीछे बातचीत कर रही है। आने वाले दिनों में इस तरह की और मुलाकातें सामने आ सकती हैं, जिससे प्रदेश की राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं।
बुर्के वाली बनेगी यूपी की CM, बयान
मुलाकात के दौरान AIMIM प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली का एक बयान काफी चर्चा में आ गया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में बुर्का पहनने वाली मेयर बनी हैं और आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में भी ‘बुर्के और हिजाब वाली मुख्यमंत्री’ बनेगी। उन्होंने सवाल उठाया कि थानों और सरकारी स्कूलों में मूर्तियां लगाकर पूजा कराई जाती है, जबकि संविधान इसकी अनुमति कब देता है। शौकत अली ने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सपा का गठबंधन यूपी में बीजेपी को नहीं रोक सकता। उन्होंने लाउडस्पीकर विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि कभी किसी मुसलमान ने 24 घंटे चलने वाले कीर्तन पर आपत्ति नहीं जताई, लेकिन मुसलमानों को रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर की इजाजत नहीं दी जाती। उन्होंने सवाल किया, “क्या ये देश हमारा नहीं है।





