नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । कानपुर में डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह और सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी के बीच बीते कई दिनों से चल रहा था, लेकिन अब यह विवाद शासन स्तर तक पहुंचने के बाद खत्म हो गया है। दोनों अधिकारियों के बीच पिछले कई दिनों से चल रहा तीखा विवाद आखिरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हस्तक्षेप के बाद सुलझा दिया गया है।
सरकार ने कार्रवाई करते हुए विवादों में घिरे सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी को उनके पद से हटा दिया गया है, और उनकी जगह श्रावस्ती में तैनात डॉ उदय नाथ को कानपुर का नया सीएमओ नियुक्त किया गया है। इस प्रशासनिक टकराव ने न केवल ब्यूरोक्रेसी को हिलाया, बल्कि बीजेपी और सपा के दिग्गजों को भी आमने-सामने ला दिया।
यह विवाद फरवरी 2025 में का है जब डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने CMO कार्यालय का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान CMO सहित कई वरिष्ठ अधिकारी बिना सूचना के गैर-मौजूद रहे। इसके बाद ,डीएम ने सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) का दौरा किया, जहां दस्तावेजों में गड़बड़ी, चिकित्सा सेवाओं में कमी और कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई। डीएम ने इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए CMO के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की और शासन को उनकी तबादले की मांग वाला पत्र भेजा।
यह विवाद तब और ज्यादा भड़क गया जब एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई, जिसमें कथित तौर पर CMO ने डीएम के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। DM ने इस घटना के बाद एक समीक्षा बैठक में CMO को सभागार से बाहर निकाल दिया, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में रहा।
CMO का दावा: “षडयंत्र का हुए शिकार”
डॉ. हरिदत्त नेमी ने अपने बचाव में कहा कि और उन्होने दावा किया कि एक सीबीआई चार्जशीटेड फर्म (CBI chargesheeted firm) का 30 लाख रुपये का भुगतान रोका था, जिसके बाद उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है। हमें एक षडयंत्र कर फंसाया जा रहा है।
बीजेपी में दो फाड़, सपा को मिला मुद्दा
इस विवाद के बाद बीजेपी के स्थानीय नेताओं को दो गुटों में बांट दिया। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, एमएलसी अरुण पाठक और विधायक सुरेंद्र मैथानी ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को पत्र लिखकर सीएमओ का साथ दिया और उनके तबादले की खिलाफत की।
वहीं, बीजेपी के बिठूर विधायक अभिजीत सिंह सांगा और विधायक महेश त्रिवेदी ने डीएम का पक्ष लेते हुए सीएमओ पर भ्रष्टाचार और निजी अस्पतालों के साथ सांठगांठ के आरोप लगाए। सांगा ने सीएम योगी को पत्र लिखकर CMO के तबादले की मांग की थी।
मामले में अखिलेश यादव ने कंसा तंज
सपा ने इस विवाद को बीजेपी की अंदरूनी कलह और प्रशासनिक विफलता का सबूत बताते हुए सरकार पर निशाना साधा। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा, “पहले इंजन टकरा रहे थे, अब कोच और गार्ड का डिब्बा भी टकरा रहा है। अधिकारियों की इस लड़ाई में जनता लुट रही है।”
सीएम योगी का फैसला: नए सीएमओ की नियुक्ति
इस पूरे मामले की गूंज लखनऊ और दिल्ली तक पहुंचने के बाद सीएम योगी एक्शन में आए। शासन ने डॉ. हरिदत्त नेमी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया और उदय नाथ को कानपुर का नया सीएमओ नियुक्त किया। सूत्रों के अनुसार, सीएम ने इस विवाद को बीजेपी की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला माना और इसे जल्द खत्म करने का निर्देश दिया।





