नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विल्मोर अंतरिक्ष में 286 दिन बिताने के बाद आखिरकार सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर लौट आए हैं। उन्होंने स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल के जरिए फ्लोरिडा के समुद्र में लैंडिंग की। उनकी वापसी पर दुनियाभर के दिग्गज नेताओं और वैज्ञानिकों ने खुशी जताई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा पत्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही सुनीता विलियम्स के नाम एक भावनात्मक पत्र लिखा था, जिसमें उनकी सुरक्षित वापसी की कामना की गई थी। पीएम मोदी ने पत्र में लिखा था, “भले ही आप हजारों मील दूर हैं, लेकिन आप हमारे दिलों के बेहद करीब हैं। आपकी वापसी का हम सभी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।” उन्होंने सुनीता को भारत आने का भी न्योता दिया और कहा कि “आपकी उपलब्धियां पूरे भारत के लिए गर्व का विषय हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की प्रतिक्रिया
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी सुनीता विलियम्स की उपलब्धि की सराहना की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “भारत की बेटी सुनीता विलियम्स और उनके साथी अंतरिक्ष यात्रियों ने मानव धैर्य और दृढ़ता के इतिहास को फिर से लिखा है। उनकी हिम्मत और समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणादायक हैं।”
डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस मौके पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “जब मैं राष्ट्रपति बना, तो मैंने एलन मस्क से कहा था कि हमें सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को वापस लाना होगा। बाइडेन प्रशासन ने उन्हें छोड़ दिया था, लेकिन अब वे वापस आ गए हैं। जब वे ठीक हो जाएंगे, तो वे ओवल ऑफिस में आएंगे।
प्रकाश जावड़ेकर ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताया
पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सुनीता विलियम्स की वापसी को ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा, “मानव बुद्धि और तकनीक की यह एक अनूठी जीत है। नौ महीने तक पूरी दुनिया चिंतित थी, लेकिन आखिरकार जीत विज्ञान की हुई।
जितेंद्र सिंह बोले- यह पूरे विश्व के लिए गौरव का पल
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सुनीता की वापसी पर कहा, “पूरा विश्व इस ऐतिहासिक क्षण का जश्न मना रहा है। सुनीता विलियम्स की साहसिक यात्रा अंतरिक्ष प्रेमियों के लिए प्रेरणादायक है। सुनीता विलियम्स मूल रूप से गुजरात के मेहसाणा जिले के झुलासन गांव की रहने वाली हैं। उनकी सुरक्षित वापसी की खबर के बाद गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। उनके चचेरे भाई दिनेश रावल ने कहा, “जब वह लौटीं, तो हम खुशी से झूम उठे। भगवान ने हमारी प्रार्थना सुनी। सुनीता साधारण व्यक्ति नहीं हैं, वे दुनिया बदल देंगी।”
नासा और स्पेसएक्स को बधाई
नासा और स्पेसएक्स की इस ऐतिहासिक सफलता के लिए दुनियाभर से बधाइयां मिल रही हैं। व्हाइट हाउस ने भी स्पेसएक्स और नासा की पूरी टीम को धन्यवाद दिया और इसे अमेरिका के लिए गर्व का पल बताया। गौरतलब है कि सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर 8 जून, 2024 को स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट के जरिए अंतरिक्ष में गए थे। यह मिशन केवल 8 दिनों का था, लेकिन तकनीकी खराबी के चलते उनकी वापसी 286 दिनों तक टल गई। सुनीता विलियम्स की वापसी पर भारत में भी खुशी का माहौल है। उम्मीद जताई जा रही है कि वे जल्द ही भारत आएंगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आमंत्रण पर उनसे मुलाकात करेंगी। उनके गांव के लोग भी उनके भव्य स्वागत की तैयारी कर रहे हैं।





